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कांग्रेस में फेरबदल: राहुल को नरेंद्र मोदी पर निजी हमले न करने की सलाह देने वाले नेता से छिना उत्तराखंड का प्रभार, गांधी के क़रीबियों को अहम जिम्मेदारी

सोनिया गांधी ने नए अध्यक्ष के चुनाव के मद्देनजर सीनियर लीडर मधूसूदन मिस्त्री की अध्यक्षता में पार्टी के भीतर सेंट्रल इलेक्शन अथॉरिटी का ऐलान भी कर दिया।

Author Translated By सिद्धार्थ राय नई दिल्ली | Updated: September 12, 2020 9:01 AM
Congress reshuffle, Sonia Gandhi, Congress Working Committee, AICC presidentCongress reshuffle: कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी संगठन में फेरबदल किए हैं। (express photo)

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शुक्रवार को पार्टी संगठन में फेरबदल किए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने AICC सचिवालय में युवाओं को मौका दिया है, वहीं पुनर्गठित कांग्रेस वर्किंग कमिटी में कुछ युवाओं और वरिष्ठ नेताओं को रखा गया है। यह घोषणा उनके वार्षिक मेडिकल चेक-अप के लिए अमेरिका के लिए रवाना होने के एक दिन पहले की गई है। यह फेरबदल पिछले दिनों कांग्रेस के 23 नेताओं द्वारा पार्टी अध्यक्ष को लिखी गई चिट्ठी के बाद किया गया है।

सोनिया गांधी ने नए अध्यक्ष के चुनाव के मद्देनजर सीनियर लीडर मधूसूदन मिस्त्री की अध्यक्षता में पार्टी के भीतर सेंट्रल इलेक्शन अथॉरिटी का ऐलान भी कर दिया। इतना ही नहीं, चिठ्ठी में अध्यक्ष के कामकाज में मदद करने के लिए जिस सिस्टम की मांग की गई, उस स्पेशल कमिटी का भी गठन किया गया, जिसमें अहमद पटेल, एके एंटनी, अंबिका सोनी, मुकुल वासिनक, के सी वेणुगोपाल, रणदीप सुरजेवाला को रखा गया। यह स्पष्ट किया गया कि स्पेशल कमिटी, अगले AICC सत्र तक काम करते रहेंगे। जिसका मतलब है कि यह कमिटी पेरमानेंट नहीं है।

इस फेरबदल में कुछ दिग्गजों को महासचिव या प्रभारी के पद से हटा दिया गया है। पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के करीबी युवा चेहरों को मौका दिया गया है औए उन्हें एआईसीसी सचिवालय जगह मिली है। वहीं कुछ नए लोगों को कांग्रेस वर्किंग कमिटी में जगह मिली है।

वहीं कांग्रेस के सेंट्रल इलेक्शन अथॉरिटी का अध्यक्ष मधुसूदन मिस्त्री को बनाया गया है। वे राहुल गांधी के करीबी माने जाते हैं। सेंट्रल इलेक्शन अथॉरिटी में राजेश मिश्रा, कृष्णा बायर गौड़ा, एस जोथिमनी और अरविंदर सिंह लवली को रखा गया है। गौड़ा और जोथिमनी राहुल के वफादार माने जाते हैं। गौरतबल है कि लवली भीउन 23 चिट्ठी लिखने वाले नेताओं में शामिल थे।

अनुभवी गुलाम नबी आज़ाद, मोतीलाल वोरा, अंबिका सोनी, मल्लिकार्जुन खड़गे और लुइज़िन्हो फलेइरो को महासचिव के रूप में हटा दिया गया है। आजाद हरियाणा के प्रभारी महासचिव थे, वहीं सोनी जम्मू और कश्मीर के प्रभारी थे, खड़गे महाराष्ट्र के प्रभारी थे और लुजिन्हो फलेरो मिजोरम, त्रिपुरा, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश और मेघालय के प्रभारी महासचिव थे। 92 वर्षीय वोरा प्रशासन के प्रभारी महासचिव थे।

राज्यों के चार एआईसीसी प्रभार, अनुग्रह नारायण सिंह (उत्तराखंड), आशा कुमारी (पंजाब), गौरव गोगोई (पश्चिम बंगाल) और आर सी खुंटिया (तेलंगाना) को भी हटा दिया गया है। गोगोई को हाल ही में लोकसभा में कांग्रेस का उप नेता नियुक्त किया गया था।

हालाँकि, गांधी ने सीडब्ल्यूसी के आज़ाद, खड़गे और सोनी को बरकरार रखा है, वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम को भी पेरमानेंट मेंबर बनाया गया है। वहीं छत्तीसगढ़ के मंत्री ताम्रध्वज साहू, वोरा और फलेरो को हटा दिया गया है। प्रमोशन पाने वालों में जितिन प्रसाद को पश्चिम बंगाल, राजीव शुक्ला को हिमाचल प्रदेश, मनिकम टैगोर को तेलंगाना, एचके पाटिल को महाराष्ट्र, विवेक बसंल को हरियाणा, देवेंद्र यादव को उत्तराखंड और मनीष चतरथ को अरुणाचल प्रदेश और मेघालय का प्रभारी बनाया गया है. रजनी पाटिल को जम्मू कश्मीर का नया प्रभारी बनाया गया।

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