ताज़ा खबर
 

सोनिया के विदेश जाने से पहले कांग्रेस में बड़ा फेरबदल, जानें कौन लगाया गया किनारे, किसे मिली अहम जिम्मेदारी?

सोनिया गांधी ने कई वरिष्ठ नेताओं को प्रभारी महासचिव के पद से हटा दिया है, जबकि कई युवा नेताओं को बड़े पद दिए गए हैं।

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र नई दिल्ली | Updated: September 12, 2020 9:15 AM
sonia gandhi rahul gandhi congressकांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी और पार्टी नेता राहुल गांधी। (पीटीआई)

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को असंतुष्ट नेताओं की ओर से लिखे गए पत्र पर विवाद खड़ा होने के बाद अब पार्टी में बड़ा फेरबदल हुआ है। संगठन स्तर पर हुए इस बदलाव में अब युवा नेताओं को ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के सचिव-महासचिव के तौर पर पदोन्नति दी गई है, जबकि वृद्ध और अनुभवी नेताओं को पुनर्गठित कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) में जगह दी गई है। पार्टी में यह बदलाव सोनिया गांधी के सालाना मेडिकल चेकअप के लिए अमेरिका जाने से ठीक पहले हुआ है।

नए फेरबदल के जरिए सोनिया ने पार्टी में आंतरिक चुनाव कराने के भी संकेत दिए हैं। माना जा रहा है कि सेंट्रल इलेक्शन अथॉरिटी (सीईए) का ऐलान कर के उन्होंने नए कांग्रेस अध्यक्ष को चुनने के लिए मतदान कराने की मांग मान ली है। पार्टी के वरिष्ठ नेता मधुसूदन मिस्त्री को इस प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया गया है।

सोनिया गांधी द्वारा गठित नई सलाहकार समिति में कमेटी में पार्टी के छह वरिष्ठ नेताओं- एके एंटनी, अहमद पटेल, अंबिका सोनी, मुकुल वासनिक और रणदीप सिंह सुरजेवाला को सदस्य के तौर पर जगह दी गई है। यह समिति AICC के अगले महाधिवेशन तक काम जारी रखेंगे। यानी स्थाई नहीं होगी।

जिन नेताओं को महासचिव पद की जिम्मेदारी से मुक्त किया गया है उनमें गुलाम नबी आजाद, मोतीलाल वोरा, अंबिका सोनी, मल्लिकार्जुन खड़गे और लुइजिन्हो फलेरो शामिल हैं। जहां आजाद पहले हरियाणा के प्रभारी महासचिव थे, वहीं अंबिका सोनी जम्मू-कश्मीर, खड़गे महाराष्ट्र में और फलेरो मिजोरम, त्रिपुर, नगालैंड, अरुणाचल प्रदेश और मेघालय में प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। जबकि 92 साल के मोतीलाल वोरा कांग्रेस में प्रशासनिक मामलों के प्रभारी महासचिव थे।

इसके अलावा पार्टी अध्यक्ष ने कुछ नेताओं की जिम्मेदारी में बदलाव किया है। हरीश रावत को पंजाब का प्रभार दिया गया है, जबकि तारिक अनवर को बिहार चुनाव से ठीक पहले राज्य से हटाकर केरल और लक्षद्वीप की जिम्मेदारी दे दी है। राजीव शुक्ला को हिमाचल प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है। इसके अलावा मणिकम टैगोर को तेलंगाना और देवेंद्र यादव को उत्तराखंड और विवेक बंसल को हरियाणा का प्रभारी नियुक्त किया गया है। जितिन प्रसाद को बंगाल की जिम्मेदारी दी गई है। इन नेताओं को यह पद कुछ पूर्व प्रभारियों को हटाकर दिए गए हैं। जिन नेताओं को महासचिव पद से हटाया गया उनमें आशा कुमारी (पंजाब), अनुग्रह नारायण सिंह (उत्तराखंड), गौरव गोगोई (पश्चिम बंगाल) और आरसी खुंतिया (तेलंगाना) शामिल हैं। बता दें कि गौरव गोगोई हाल ही में लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता नियुक्त हुए हैं।

सोनिया गांधी के संगठन में इस फेरबदल में कांग्रेस अध्यक्ष की पुरानी टीम में शामिल विश्वासपात्रों को फिर से देखा जा सकता है। इसके अलावा राहुल गांधी के भरोसेमंद नेताओं को भी संगठन में बड़े पद मिले हैं। इनमें सबसे ऊपर रणदीप सिंह सुरजेवाला का नाम है, जिन्हें पहली बार महासचिव के तौर पर कर्नाटक की जिम्मेदारी मिली है, जबकि जितेंद्र सिंह को असम का प्रभारी महासचिव नियुक्त किया गया है।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 स्मृतिशेष: सामाजिक सरोकारों के लिए याद आएंगे स्वामी अग्निवेश
2 कांग्रेस ने महासचिव पद से की गुलाम नबी आजाद की छुट्टी, CWC और केंद्रीय चुनाव समिति का पुनर्गठन, जानें- किसे मिली क्या जिम्मेदारी
3 सवारी भूल गई 11 तोला सोना और कैश से भरा बैग, बुजुर्ग ऑटो ड्राइवर ने किया वापस
यह पढ़ा क्या?
X