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राहुल गांधी ने बताया कहां से आया था नोटबंदी का आइडिया, पीएम को क्यों करना पड़ा लागू?

8 नवंबर 2016 को पीएम मोदी ने ऐलान किया था कि 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट परिचलन से बाहर हो गए हैं। उनकी जगह सरकार ने 2000 रुपये के नए नोट जारी किए थे। पीएम के एलान के बाद अचानक लोगों के पास जमा 500 और 1000 रुपये के सभी नोट अवैध हो गए थे।
पार्टी कार्यकर्ताओं से मुखातिब होते हुए राहुल ने कहा कि नोटबंदी का विचार न तो रिजर्व बैंक ने दिया था और न ही वित्त मंत्री अरुण जेटली ने। उन्होंने कहा कि इसका आइडिया वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने भी नहीं दिया था बल्कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के एक विचारक ने इसका आइडिया दिया था।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर रोज निशाना साध रहे हैं। कर्नाटक के कलबुर्गी में आज (13 फरवरी) फिर उन्होंने पीएम मोदी पर पंद्रह महीने पहले लागू हुए नोटबंदी को लेकर निशाना साधा और लोगों को बताया कि पीएम को नोटबंदी का आइडिया कहां से आया था। पार्टी कार्यकर्ताओं से मुखातिब होते हुए राहुल ने कहा कि नोटबंदी का विचार न तो रिजर्व बैंक ने दिया था और न ही वित्त मंत्री अरुण जेटली ने। उन्होंने कहा कि इसका आइडिया वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने भी नहीं दिया था बल्कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के एक विचारक ने इसका आइडिया दिया था। संघ ने फिर उस आइडिया को पीएम मोदी के दिमाग में डाला और उसके दवाब में पीएम ने इसे लागू कर दिया।

बता दें कि 8 नवंबर 2016 को पीएम मोदी ने ऐलान किया था कि 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट परिचलन से बाहर हो गए हैं। उनकी जगह सरकार ने 2000 रुपये के नए नोट जारी किए थे। पीएम के एलान के बाद अचानक लोगों के पास जमा 500 और 1000 रुपये के सभी नोट अवैध हो गए थे। इससे आमलोगों में बेचैनी और उलझन पैदा हो गई। कुछ दिनों के लिए सरकार ने सभी एटीएम को बंद कर दिया और बैंकों से सभी पुराने नोट वापस लेने और बदलने को कहा। इसके लिए सभी बैंकों पर लोगों की लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं। नोटबंदी की वजह से कई लोगों की मौत भी हुई। कांग्रेस नेता और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इसे संगठित अपराध कहा था और कहा था कि नोटबंदी की वजह से जीडीपी की ग्रोथ में दो फीसदी की कमी आ सकती है।

अर्थव्यवस्था के कुछ जानकारों के मुताबिक नोटबंदी की वजह से देश की आर्थिक व्यवस्था चरमरा गई। औद्योगिक उत्पादन पर बुरा असर पड़ा और बेरोजगारी की दर में इजाफा हुआ। सरकार ने नोटबंदी का ऐलान करते हुए दावा किया था कि इससे काला धन और भ्रष्टाचार पर लगाम लग सकेगा लेकिन न तो भ्रष्टाचार थमा और न ही काला धन वापस आया। उल्टे इसे लागू करने में राजस्व का नुकसान हुआ। हालांकि, सरकार और सरकार के लोग नोटबंदी की सफलता के दावे करते हैं।

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