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कांग्रेस अध्‍यक्ष चुनाव: द‍िग्‍व‍िजय स‍िंंह बनेंगे सोनिया के दूसरे मनमोहन, थरूर के हारने से द. भारत में खत्‍म हो जाएगी कांग्रेस- पैनल‍िस्‍ट ने दी राय, आचार्य प्रमोद कृष्णन ने ऐसे क‍िया बचाव

संगीत रागी ने कहा कि दिग्विजय सिंह के जीतने की संभावना अधिक है क्योंकि वह गांधी परिवार के ही नुमाइंदे हैं।

कांग्रेस अध्‍यक्ष चुनाव: द‍िग्‍व‍िजय स‍िंंह बनेंगे सोनिया के दूसरे मनमोहन, थरूर के हारने से द. भारत में खत्‍म हो जाएगी कांग्रेस- पैनल‍िस्‍ट ने दी राय, आचार्य प्रमोद कृष्णन ने ऐसे क‍िया बचाव
वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह (फोटो- इंडियन एक्सप्रेस फाइल)

कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत रेस से बाहर हो गए हैं। शशि थरूर और दिग्विजय सिंह ने नामांकन पत्र लिया है और संभवतः शुक्रवार को दोनों नेता नामांकन दाखिल करेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर एक बहस के दौरान राजनीतिक विश्लेषक संगीत रागी ने कहा कि सोनिया गांधी को एक मनमोहन सिंह की तलाश थी।

समाचार चैनल न्यूज 24 पर बहस के दौरान राजनीतिक विश्लेषक संगीत रागी ने कहा, “पार्टी का एक धड़ा चाहता था कि प्रियंका गांधी कांग्रेस अध्यक्ष बने, लेकिन राहुल गांधी ने यह कहकर उस धड़े को निराश कर दिया कि गांधी परिवार का कोई सदस्य अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं लड़ेगा। सोनिया गांधी को एक मनमोहन सिंह की तलाश थी। लेकिन इस पद के लिए कोई मिल नहीं रहा था, क्योंकि उनको पता था कि कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद रोज किरकिरी होगी, रोज गाली सहना पड़ेगा। बहुत कोशिशों के बाद इस्लामिक रेडिकलाइजेशन के पैरोकार दिग्विजय सिंह आगे आए हैं।”

संगीता रागी ने आगे कहा, अगर दिग्विजय सिंह चुनाव जीतते हैं और शशि थरूर चुनाव हारते हैं तो दक्षिण भारत में कांग्रेस जो कुछ बची-कुची है वह भी खत्म हो जाएगी। जिसके पक्ष में गांधी परिवार खड़ा होगा, वही व्यक्ति चुनाव को जीतेगा और दिग्विजय सिंह के जीतने की संभावना अधिक है। दिग्विजय सिंह गांधी परिवार के ही नुमाइंदे हैं और उनके जीतने के बाद एक अलग कांग्रेस होगी जो मुसलमानों के पक्ष में होगी।”

संगीत रागी के आरोपों का जवाब देते हुए कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा, “अशोक गहलोत जी बिना सोनिया गांधी जी के कहने के एक इंच भी इधर-उधर नहीं होंगे। बीजेपी के अंदर तानाशाही है, वहां कभी भी मुख्यमंत्री बदल दिया जाता है। जबकि कांग्रेस के अंदर आंतरिक लोकतंत्र है। क्या सोनिया गांधी जी द्वारा पर्यवेक्षकों को भेजना गलत था? मीटिंग का टाइम और मीटिंग की जगह मुख्यमंत्री जी से पूछ कर रखी गई थी।”

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने खुद कहा कि कुछ ग़लतफ़हमी हुई है और कुछ विधायकों को नोटिस भी भेजा गया है और वो जवाब देंगे। अब सीएम का फैसला आलाकमान करेगा।

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First published on: 29-09-2022 at 07:46:08 pm