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‘बीजेपी मुस्लिम महिलाओं और उनके पतियों के बीच क्यों आ रही है’

विपक्ष ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनावी फायदे के लिए ‘तीन तलाक’ के मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहे हैं।

Author April 30, 2017 7:20 AM
इस तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

विपक्ष ने शनिवार (29 अप्रैल) को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनावी फायदे के लिए ‘तीन तलाक’ के मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहे हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश में भाजपा के एक मंत्री ने कहा कि मुस्लिम लोग अपनी ‘‘हवस’’ मिटाने के वास्ते बीवियां बदलने के लिए ‘तीन तलाक’ का इस्तेमाल करते हैं । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुस्लिम समुदाय से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि ‘तीन तलाक’ के मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए । उन्होंने उम्मीद जताई कि समुदाय के बुद्धिजीवी इस परिपाटी से लड़ने के लिए आगे आएंगे ।

मोदी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि कोई अन्य राजनीतिक दल नहीं, सिर्फ भाजपा और इसका वैचारिक सलाहकार आरएसएस ही मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहे हैं। राज्यसभा में नेता विपक्ष ने कहा कि कोई भी मुस्लिम घूमते-फिरते ‘तीन तलाक’ में विश्वास नहीं करता है और इस परिपाटी को पवित्र कुरान के अनुसार माना जाता है जिसमें कुछ नियम और समयसीमा तय की गई है।

उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘जब समाज पहले से ही तीन तलाक के मुद्दे पर चर्चा कर रहा है और अदालत (उच्चतम न्यायालय) इसे देख रही है तो भाजपा क्यों अनावश्यक रूप से मुस्लिम महिलाओं और उनके पतियों के बीच में आ रही है। भाजपा को नया वोट बैंक बनाने का प्रयास नहीं करना चाहिए ।’’

लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि मोदी कर्नाटक विधानसभा के अगले साल होने वाले चुनाव को ध्यान में रखते हुए इस तरह के मुद्दों पर बोल रहे हैं। सपा नेता मोहम्मद आजम खान ने मोदी की टिप्पणी की आलोचना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को मुस्लिम महिलाओं की अन्य समस्याओं पर भी बोलना चाहिए। खान ने कहा, ‘‘मोदी को (तीन तलाक के अतिरिक्त) मुस्लिम महिलाओं की अन्य समस्याओं पर भी बोलना चाहिए।’’

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को उन मुस्लिम महिलाओं के प्रति भी सहानुभूति दिखानी चाहिए जिन्होंने गौरक्षकों की वजह से अपने बेटों और पतियों को खो दिया। वर्ष 2002 के गुजरात दंगों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मोदी को राज्य में हुई उस हिंसा के बारे में भी बोलना चाहिए जिसमें अनेक मुस्लिम महिलाओं के घर नष्ट हो गए।

जदयू नेता शरद यादव ने कहा कि मोदी को ऐसे मुद्दों पर नहीं बोलना चाहिए जो अदालत में लंबित हैं। उन्होंने कहा, ‘‘पहले आप अपने में (समुदाय में) सुधार लाएं, तब मुसलमानों की बेहतरी की बात करें।’ भाजपा प्रवक्ता नलिन कोहली ने प्रधानमंत्री की टिप्पणी का बचाव करते हुए कहा कि मोदी हर भारतीय की गरिमा के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘टिप्पणियों को समानता के संवैधानिक अधिकार के संदर्भ में महिला अधिकारों के मानदंड के रूप में देखा जाना चाहिए ।’’ उत्तर प्रदेश के मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने राज्य के बस्ती जिले में बीती रात आरोप लगाया कि मुसलमान ‘तीन तलाक’ का इस्तेमाल अपनी ‘‘हवस’’ मिटाने के वास्ते बीवियां बदलने के लिए करते हैं।

भाजपा के मंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब देश में तीन तलाक के मुद्दे पर बहस चल रही है। मौर्य ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘भाजपा मुस्लिम महिलाओं के साथ खड़ी है जिन्हें बेवजह और मनमाने ढंग से तलाक दिया गया है ।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इन तलाकों का कोई आधार नहीं है…यदि कोई ऐसा करता है तो वह सिर्फ अपनी बीवियां बदलकर अपनी हवस मिटाने के लिए करता है और अपनी बीवी तथा बच्चों को सड़क पर भीख मांगने के लिए छोड़ देता है…कोई भी इसे सही नहीं कहेगा ।’’

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