हार के बाद कांग्रेस की सेहत सुधारने के लिए सर्जन बन जाएं राहुल-सोनिया: दिग्जविजय सिंह - Jansatta
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हार के बाद कांग्रेस की सेहत सुधारने के लिए सर्जन बन जाएं राहुल-सोनिया: दिग्जविजय सिंह

चुनावों में मिल रही करारी शिकस्त की वजह से कांग्रेस के भीतर बढ़ती जा रही बेचैनी और चिंता शुक्रवार को उस वक्त सामने आई जब पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी से ‘सर्जन’ की भूमिका में आने की अपील की गई ताकि संगठन की सेहत फिर से दुरुस्त की जा सके।

Author नई दिल्ली | May 21, 2016 4:28 AM
दिग्विजय सिंह

चुनावों में मिल रही करारी शिकस्त की वजह से कांग्रेस के भीतर बढ़ती जा रही बेचैनी और चिंता शुक्रवार को उस वक्त सामने आई जब पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी से ‘सर्जन’ की भूमिका में आने की अपील की गई ताकि संगठन की सेहत फिर से दुरुस्त की जा सके। गुरुवार को पांच राज्यों के नतीजे सामने आने के बाद से कांग्रेस में असहमति के सुर सामने आए हैं। सबसे पहले दिग्विजय सिंह सामने आए जिन्होंने गुरुवार ऐसे कदम उठाने की मांग की ताकि पार्टी का कुछ भला हो सके।

शुक्रवार को लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि जहां कहीं भी कमी हो, पार्टी को उस पर विचार करना चाहिए और उसे दूर करना चाहिए । दूसरी ओर कांग्रेस के प्रतिद्वंद्वियों और भाजपा से हाथ मिला चुके कांग्रेस के बागियों ने राहुल को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि कोई भी सर्जरी कांग्रेस को बचा नहीं सकती, क्योंकि यह ‘भ्रष्टाचार के कैंसर’ की चपेट में है।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के संवाददाता सम्मेलन में पार्टी के प्रवक्ता पीसी चाको ने कहा कि पार्टी ने चुनाव रणनीतियों पर फैसले के लिए राज्य इकाइयों को पूरी आजादी दी थी । उन्होंने कहा, हम यह नहीं कह रहे कि राष्ट्रीय नेतृत्व जिम्मेदार नहीं है। इस बीच कांग्रेस में सर्जरी की जरूरत वाले अपने बयान पर मचे बवाल के एक दिन बाद वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि सर्जन तो सोनिया और राहुल हैं और उन्हें ‘अब कार्रवाई करनी चाहिए’ ताकि पार्टी में सब कुछ ठीक हो सके।

असम और अन्य राज्यों में मिली करारी हार के बाद पार्टी नेतृतव को किसी हमले से बचाने के लिए सिंह ने कहा, हार या जीत के लिए हर कोई जवाबदेह और जिम्मेदार होता है, कोई एक शख्स नहीं । उन्होंने साफ किया कि चुनावों में हार के लिए सोनिया और राहुल को जिम्मेदार नहीं करार दिया जा सकता। संभवतया लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद की घटनाओं का जिक्र करते हुए सिंह ने कहा कि विचार-विमर्श और मंथन किए जा चुके हैं और अब कार्रवाई का समय है । उन्होंने कहा, सर्जन सर्जरी करता है, हम लोग नहीं करते । सर्जन तो कांग्रेस अध्यक्ष हैं। उन्हें और राहुल गांधी को तय करना है कि क्या कार्रवाई करने की जरूरत है।

सिंह ने पार्टी में नई जान फूंकने के लिए ‘नए विचारों और नई कार्यशैली’ की जरूरत पर जोर दिया । ‘बड़ी सर्जरी’ वाले अपने बयान को और स्पष्ट करने के अनुरोध पर सिंह ने कहा कि पार्टी में हालात को सुधारने के लिए कई रिपोर्टें नेतृत्व को सौंपी गईं और अब इन सुझावों को लागू करने का वक्त है।

उन्होंने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनावों के बाद एके एंटनी की अध्यक्षता वाली समिति का गठन बाकी पेज 8 पर उङ्मल्ल३्र४ी ३ङ्म स्रँी 8
(कांग्रेस की हार के कारणों पर विचार के लिए) किया गया था । राज्यों के नेताओं से चर्चा के बाद समिति ने रिपोर्ट सौंपी।
सिंह ने कहा, इसके बाद राहुल गांधी ने कांग्रेस के ऐसे सभी वरिष्ठ नेताओं से इस पर चर्चा की जो कांग्रेस पार्टी में पहले और अभी प्रभावशाली रहे हैं । इसके बाद उन्होंने पार्टी महासचिवों से कहा कि वे राज्य के नेताओं से इस पर चर्चा करें । उन्होंने कहा कि महासचिवों ने प्राप्त सुझावों पर पिछले साल 28 फरवरी को सोनिया गांधी को रिपोर्ट सौंपी ।

चंडीगढ़: पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पांच राज्यों में कांग्रेस की चुनावी हार का जश्न मनाने को लेकर मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और आम आदमी पार्टी के नेताओं पर निशाना साधा और कहा कि उन्हें अपनी पार्टियों को चिंता करनी चाहिए । पांच राज्यों के चुनावी नतीजों को कांग्रेस का ‘अंतिम-संस्कार’ करार देने वाले बादल को आड़े हाथ लेते हुए अमरिंदर ने पलटवार किया, पंजाब के लोगों ने आपकी पार्टी (अकाली दल) और सरकार का अंतिम संस्कार पहले ही कर दिया है और पहली बरसी फरवरी 2017 में मनाई जाएगी ।

पंजाब में अगले साल फरवरी में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं । प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक की जीत में सांत्वना तलाश रहे बादल पर चुटकी भी ली । उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा, आप दूसरे राज्यों की दूसरी पार्टियों के उदाहरण देकर चुनाव नहीं जीतते, क्योंकि लोग आपका लेखा-जोखा देखेंगे । लेकिन आपके पास कहने के लिए कुछ है ही नहीं ।

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