लालकृष्ण आडवाणी को जन्मदिन की बधाई देने का विरोध देख भड़के शशि थरूर, याद दिलाई राजनीति को लेकर महात्मा गांधी की कही गई बात

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने ट्वीट कर लिखा कि उनके राजनीतिक स्टैंड का विरोध करते हुए लाल कृष्ण आडवाणी और प्रधानमंत्री मोदी को बधाई देना जारी रखूंगा। मेरे 40 साल के लेखन से यह स्पष्ट है कि मैं किन चीजों में विश्वास रखता हूं।

गुरुवार को कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी के जन्मदिन पर उनके द्वारा किए गए ट्वीट का विरोध करने वाले लोगों को जमकर निशाने पर लिया। (एक्सप्रेस फोटो)

बीते 8 अक्टूबर को भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी के जन्मदिन पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने ट्वीट कर उन्हें बधाई दी थी। जिसके बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने उनके इस ट्वीट पर विरोध जताया था। भाजपा नेता को जन्मदिन की बधाई देने पर उपजे विरोध को लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर भड़क उठे और उन्हें एक के बाद कई ट्वीट कर पलटवार किया। साथ ही उन्होंने अपने ट्वीट में राजनीति को लेकर महात्मा गांधी के द्वारा कही गई बात की भी याद दिला दी।

दरअसल लाल कृष्ण आडवाणी के जन्मदिन के अवसर पर एक सोशल मीडिया यूजर ने भाजपा नेता के साथ कांग्रेस सांसद शशि थरूर की तस्वीर पोस्ट कर जन्मदिन की बधाई दी थी। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने उसी ट्वीट को शेयर करते हुए लिखा था कि एक अच्छे इंसान, राजनीति के सज्जन व्यक्ति और शिष्टाचार वाले नेता को हार्दिक शुभकामनाएं। साथ ही उन्होंने अपने ट्वीट में लाल कृष्ण आडवाणी के जन्मदिन पर चल रहा ट्विटर ट्रेंड भी जोड़ा था। उनके इस ट्वीट पर कई सोशल मीडिया यूजर्स ने अपनी प्रतिक्रिया दी थी और आपत्ति जताई थी।

भाजपा नेता के जन्मदिन पर उनके द्वारा किए गए ट्वीट का विरोध किए जाने पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने गुरुवार को जमकर पलटवार किया। उन्होंने एक के बाद एक ट्वीट कर विरोध करने वाले लोगों को निशाने पर लिया। अपने ट्वीट में शशि थरूर ने लिखा कि लाल कृष्ण आडवाणी को जन्मदिन की बधाई दिए जाने का हो रहे विरोध से स्तब्ध हूं। क्या हमारे राजनीति से सभ्यता पूरी तरह गायब हो गई है? गांधी जी ने हमें अपने राजनीतिक विरोधियों का भी सम्मान करना सिखाया। लगता है कि अब मुझे संघ का समर्थक बना दिया गया है!

अपने एक और ट्वीट में शशि थरूर ने यह भी लिखा कि वास्तव में गांधीजी ने हमें पाप से लड़ना सिखाया लेकिन उन्होंने यह भी सिखाया कि पापी से भी प्रेम करो और उसको गले लगाओ। अहिंसा प्यार की एक सकारात्मक स्थिति है और यहां तक ​​​​कि बुराई करने वाले के लिए भी अच्छा करने की। जबकि अच्छाई और बुराई गांधीवादी शब्द हैं जिनका मैं आसानी से उपयोग नहीं कर सकता लेकिन मैं दोनों तरफ के असहिष्णुता की निंदा करता हूं। 

इसके अलावा कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने एक और ट्वीट कर लिखा कि उनके राजनीतिक स्टैंड का विरोध करते हुए लाल कृष्ण आडवाणी और प्रधानमंत्री मोदी को बधाई देना जारी रखूंगा। मेरे 40 साल के लेखन से यह स्पष्ट है कि मैं किन चीजों में विश्वास रखता हूं। जिन्होंने मुझे नहीं पढ़ा है वे ही मुझे संघी कह सकते हैं। मेरे मूल्यों को उनके लिए नहीं छोड़ा जाएगा।

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