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संसदीय समिति के एजेंडे में J&K में इंटरनेट के मुद्दे पर रार, स्पीकर की चिट्ठी के बाद भाजपा सांसद ने हटवाया, पर अड़ गए शशि थरूर

नए एजेंडा के अनुसार कांग्रेस नेता शशि थरूर की अध्यक्षता वाली सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसद की स्थायी समिति एक सितंबर को होने वाली अपनी बैठक में बिहार और दिल्ली में दूरसंचार या इंटरनेट सेवाओं के निलंबन पर चर्चा करेगी।

Congress MP, Shashi tharoor, parliamentary standing committee on IT,शशि थरूर ने नियमों का हवाला देते हुए जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखा है। (फाइल फोटो)

सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसद की स्थायी समिति के एजेंडे में जम्मू-कश्मीर में इंटरनेट के मुद्दे पर रार खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है। आईटी संबंधी स्थायी समिति के अध्यक्ष शशि थरूर ने लोकसभा स्पीकर को इस बारे में पत्र लिखकर कहा है कि जम्मू और कश्मीर में दूरसंचार और इंटरनेट कनेक्शन के मुद्दे पर समिति की बैठक में चर्चा हो सकती है।

इससे पहले लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने 25 अगस्त को पत्र लिखकर न्यायालय में विचाराधीन मामलों को संसदीय समिति की बैठकों में नहीं शामिल करने का सुझाव दिया था। इसके कुछ दिन बाद सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) पर एक संसदीय समिति ने शुक्रवार को अपने एजेंडा से जम्मू कश्मीर में इंटरनेट सेवा के निलंबन के विवादास्पद विषय को हटा लिया। स्पीकर के पत्र के बाद शशि थरूर ने नियमों का हवाला देते हुए जम्मू-कश्मीर के मुद्दे को शामिल किए जाने संबंधी पत्र लिखा।

सूत्रों के अनुसार थरूर ने अपने पत्र में कहा है कि यह मामला अब अदालत में लंबित नहीं है। हालांकि, समिति की बैठक में शामिल होने के लिए फेसबुक को सम्मन भेजा गया है और यह एजेंडा में शामिल है। लोकसभा सचिवालय द्वारा शुक्रवार को जारी नए एजेंडा के अनुसार कांग्रेस नेता शशि थरूर की अध्यक्षता वाली सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसद की स्थायी समिति एक सितंबर को होने वाली अपनी बैठक में बिहार और दिल्ली में दूरसंचार या इंटरनेट सेवाओं के निलंबन पर चर्चा करेगी।

पहले के एजेंडा में इसमें जम्मू कश्मीर भी शामिल था। जम्मू कश्मीर में इंटरनेट सेवाओं के निलंबन के विषय को लेने तथा फेसबुक इंडिया के अधिकारियों को बुलाने के लिए समिति के भाजपा सदस्यों ने थरूर की आलोचना की थी। मालूम हो कि 11 मई को, सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर में 4 जी इंटरनेट सेवाओं की बहाली के लिए दलीलों को खारिज किया था। अदालत ने एक विशेष समिति के गठन का आदेश भी दिया था।

समिति को इस क्षेत्र में “मोबाइल इंटरनेट को 2G गति तक सीमित करने” की निरंतरता की आवश्यकता के निर्धारण की बात कही गई थी। दूसरी तरफ, अमेरिका से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्र वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक खबर में दावा किया गया था कि फेसबुक ने सत्तारूढ़ दल के कुछ नेताओं के संबंध में नफरत भरे भाषण से संबद्ध नियम लागू नहीं किये।

इस दावे के बाद समिति ने फेसबुक के अधिकारियों को बुलाने का फैसला किया। समिति के सदस्य भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर उनसे अनुरोध किया था कि थरूर को समिति के अध्यक्ष पद से हटाया जाए और किसी अन्य सदस्य को मनोनीत किया जाए।

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