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शशि थरूर बोले- मोदी क्‍यों नहीं पहनते मुस्लिम टोपी? आज तो स्‍वामी विवेकानंद को भी पीट देते ये लोग

उन्होंने कहा, "मुझे पूरा इत्मीनान है कि यदि स्वामी विवेकानंद आज के भारत में आते, वो इन गुंडों का निशाना बन जाते, ये लोग उनके चेहरे पर इंजन का तेल फेंकते, गलियों में उनपर हमला कर देते, क्योंकि विवेकानंद उन्हें कहते कि लोगों का आदर करो, वो कहते कि मानवता ज्यादा महत्वपूर्ण है।"

26 जुलाई को दिल्ली में मॉनसून सत्र के दौरान संसद भवन पहुंचते कांग्रेस सांसद शशि थरूर (फोटो-पीटीआई)

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से साफ शब्दों में पूछा है कि आखिर वो मुस्लिम टोपी पहनने से क्यों इनकार करते हैं। रविवार को अपने संसदीय क्षेत्र तिरुवनंतपुरम में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि आखिर पीएम जो दुनिया भर के किस्म किस्म की पगड़ियां पहनते हैं, एक मुस्लिम टोपी पहनने से इनकार क्यों कर देते हैं। थरूर ने कहा, “पीएम मोदी मुस्लिम टोपी क्यों नहीं पहनते हैं, वो हरे रंग का कपड़ा पहनने से इंकार क्यों कर देते हैं, जो कि उनकी नजर में मुसलमानों का रंग है, ,और इस रंग को पहनने का मतलब मुस्लिम तुष्टिकरण होता है।” शशि थरूर एक सेमिनार में बोल रहे थे। इस सेमिनार का मकसद था, “नफरत के खिलाफ खड़े होइए-समकालीन भारत में असहिष्णुता और हिंसा।”

अपने भाषण में थरूर ने भारतीय जनता पार्टी और दक्षिणपंथी संगठनों को अल्पसंख्यकों पर बढ़ते हमले और कथित गौरक्षकों की हिंसक गतिविधियों के लिए जिम्मेदार ठहराया। शशि थरूर ने कहा कि एक बार भी इन घटनाओं के बाद पीएम ने तुरंत बयान दिया है। थरूर ने कहा, “गौ रक्षा के नाम पर अल्पसंख्यकों पर हुए हमले के तुरंत बाद पीएम ने एक बार भी बयान नहीं दिया है ताकि लोगों को भरोसा हो कि वे ऐसी हिंसा की निंदा करते हैं, इसके बाद ये धारणा बनती है कि यदि पीएम नहीं बोलते हैं कि तो उन्हें इन चीजों से मतलब नहीं है, इससे उनलोगों को ताकत मिलती है।”

थरूर ने कहा कि उन्हें मुकम्मल तौर पर यकीन है कि यदि आज स्वामी विवेकानंद जिंदा होते तो दक्षिणपंथी गुंडे उनपर भी हमला कर देते। उन्होंने कहा, “मुझे पूरा इत्मीनान है कि यदि स्वामी विवेकानंद आज के भारत में आते, वो इन गुंडों का निशाना बन जाते, ये लोग उनके चेहरे पर इंजन का तेल फेंकते, गलियों में उनपर हमला कर देते, क्योंकि विवेकानंद उन्हें कहते कि लोगों का आदर करो, वो कहते कि मानवता ज्यादा महत्वपूर्ण है, हमलोग विवेकानंद की परंपरा के हिन्दू हैं, सावरकर और गोलवलकर की परंपरा के हिन्दू नहीं हैं।” गृह मंत्रालय के एक आंकड़े का हवाला देते हुए शशि थरूर ने कहा कि पिछले चार सालों में देश साम्प्रदायिक हिंसा के 2920 घटनाएं देख चुका है। थरूर ने कहा कि बीजेपी के सत्ता में आने के बाद देश भर में साम्प्रदायिक हिंसा की घटनाएं बढ़ी है।

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