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किसान संसद में पहुंचे कांग्रेस MP का कड़ा विरोध, लगे ‘गो-बैक’ के नारे; गाड़ी पर भी हमला!

टीवी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ अन्नदाताओं ने उनकी गाड़ी पर लाठियां तक चला दी थीं।

Author Edited By अभिषेक गुप्ता नई दिल्ली/पटियाला | Updated: January 24, 2021 6:53 PM
Ravneet Singh Bittu, INC, National NewsINC के सांसद रवनीत बिट्टू। (फोटोः fb/ravneetsingh.bittu)

पंजाब के लुधियान से Congress सांसद रवनीत बिट्टू रविवार को दिल्ली में सिंघु बॉर्डर पर किसान संसद में हिस्सा लेने पहुंचे। पर वहां उन्हें किसानों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। अन्नदाताओं ने गो-बैक के नारे लगा उन्हें वहां से वापसी का रास्ता दिखाया। बताया गया कि उनकी गाड़ी पर लाठियों से हमला किया गया।

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो बिट्टू किसानों द्वारा धक्का-मुक्की का शिकार भी हुए। उनके साथ इस दौरान विधायक कुलबीर जीरा थे। कहा जा रहा है कि हमले के दौरान उनकी पगड़ी भी खींचकर उतार दी गई थी। हालांकि, इस बारे में आधिकारिक पुष्टि नहीं है।

दरअसल, शुरुआत में उन्हें आंदोलनस्थल पर जाने से कुछ युवाओं ने रोका था। कहा था, “किसानों को राजनेताओं की जरूरत नहीं है, पर बिट्टू ने उनकी बात को नजरअंदाज किया और आगे बढ़ते गए।” युवा इसी को लेकर ‘गो बैक’ (वापस जाओ) के नारे लगा रहे थे।

बिट्टू से बीच में जब मीडिया ने सवाल दागे, तब वह कुछ खास नहीं बता पाए। ऐसा इसलिए, क्योंकि उस दौरान उनके आसपास ढेर सारे किसान थे, जो वहां उनके होने पर विरोध कर रहे थे। हालांकि, इसके बाद बोले- मैं किसानों के साथ हूं और आगे भी रहूंगा।

बिट्टू ने घटना के बाद समाचार एजेंसी ANI से कहा- हम किसान नेताओं द्वारा बुलाई बैठक में गए थे। वहां पहुंचते ही हम पर डंडे और हथियारों से हमला कर दिया गया। वैसे, हम कोई कार्रवाई नहीं करेंगे, क्योंकि किसान आंदोलन अभी जारी है। मैं पहले से कहता आया हूं। कुछ शरारती हैं, खालिस्तानी झंडे लिए लोग हैं। पर ऐसी भारी संख्या में ऐसे लोगों को पहचानने के लिए किसान नेता क्या करें? ऐसे तत्वों को एक करोड़ से 80 लाख रुपए मिलते हैं और मैं उनका टारगेट बन गया।

बता दें कि मोदी सरकार के लाए तीन कृषि कानूनों पर विवाद फिलहाल थमा नहीं है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के बॉर्डर्स पर कई सूबों के किसान (मुख्यतः पंजाब और हरियाणा से) ‘दिल्ली चलो’ के नारे के तहत करीब 60 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। वे इन काले कानूनों को वापस लेने की मांग पर अड़े हैं।

किसान यह कई बार स्पष्ट कर चुके हैं कि यह पूर्ण रूप से किसानों का आंदोलन है और वे इसे और इसके मंच को किसी भी सियासी दल को इस्तेमाल नहीं करने देंगे। केंद्र और किसानों के बीच 11 दौर की बातचीत हो चुकी है, मगर अब तक कोई ठोस हल नहीं निकल पाया है।

पंजाब में किसानों का विरोध, जाह्नवी कपूर की फिल्म की शूटिंग थमीः किसानों के एक समूह द्वारा यहां विरोध प्रदर्शन किए जाने के बाद जाह्नवी कपूर की आगामी फिल्म “गुड लक जेरी” की शूटिंग रोक दी गई। घटना शनिवार को सिविल लाइन्स क्षेत्र के पास हुई जब प्रदर्शन कर रहे किसानों ने फिल्म की शूटिंग का विरोध किया। बॉलीवुड के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारियों ने कहा कि केंद्र के कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों का किसी अभिनेता ने समर्थन नहीं किया।

राजवंत सिंह संधू ने कहा, “पंजाब में शूटिंग कर रहे फिल्म उद्योग के लोगों से हम कह रहे हैं कि वे कम से कम उन किसानों के समर्थन में बोलें जो कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।” एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा, “हम बॉलीवुड अभिनेताओं का इसलिए विरोध कर रहे हैं क्योंकि वे किसानों का समर्थन नहीं कर रहे।” कुछ किसान उस होटल के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं जहां फिल्म निर्माण दल के सदस्य ठहरे हैं। एक पुलिस अधिकारी ने रविवार को बताया कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। (भाषा इनपुट्स के साथ)

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