ताज़ा खबर
 

कांग्रेसी नेता ने कहा, ‘सुनकर अच्छा लगा कि हाफिज सईद को सता रहा RA&W का डर’

पाकिस्तान प्रशासन ने कहा था मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद को मारने के लिए विदेशी खुफिया एजेंसियां योजना बना रही हैं।

Author नई दिल्ली | November 13, 2017 2:27 PM
जमात-उद-दावा (जेयूडी) प्रमुख हाफिज सईद। (फाइल फोटो)

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने कहा कि यह सुनकर बहुत अच्छा लगा कि कुख्यात इनामी आतंकी हाफिज सईद को भारतीय खुफिया एजेंसी (रॉ) से डर महसूस हो रहा है। खुर्शीद ने कहा कि अगर वह भारत सरकार से खुद को डरा हुआ महसूस कर रहा तो भारतीय एजेंसियों के लिए इससे बेहतर कोई चीज नहीं हो सकती। बता दें कि रविवार को एक रिपोर्ट जारी की गई थी जिसमें पाकिस्तान प्रशासन ने कहा था मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद को मारने के लिए विदेशी खुफिया एजेंसियां योजना बना रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान का इशारा भारतीय खुफिया एजेंसी (रॉ) की तरफ था।

हाफिज सईद की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पाक प्रशासन द्वारा पंजाब गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर जमात-उद-दावा चीफ की सुरक्षा बढ़ाने के लिए कहा गया था। प्रशासन द्वारा लिखे गए पत्र के अनुसार नेशनल काउंटर टेररिज्म ऑथोरिटी ने कहा था कि भारतीय खुफिया एजेंसी (रॉ)  प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के दो कार्यकर्ताओं की मदद से सईद को मरवाना चाहती है, जिसके लिए उन्होंने 8 लाख रुपए दिए गए हैं। बता दें कि एंटी-टेररिज्म एक्ट 1997 के तहत 30 जनवरी से लाहौर में हफिज सईद को घर में नजरबंद किया हुआ है। पब्लिक सेफ्टी लॉ के तहत गृह विभाग ने हाफिज सईद की घर नजरबंद की अवधि को 26 नवंबर तक कर दिया है।

वहीं सलमान खुर्शीद ने कश्मीर मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के रुख की भी आलोचना की। खुर्शीद ने कहा पाकिस्तान के साथ बातचीत होगी लेकिन मोदी सरकार का कश्मीर मुद्दों का हल निकालने के मामले में दिवालिया निकल चुका है। उन्होंने पीडीपी के साथ हाथ मिलाया लेकिन वह काम न आया। उन्होंने पूर्व नौकरशाहों को जम्मू एंड कश्मीर भेजा लेकिन कश्मीर की समस्या हल करने में वह भी काम न आया। खुर्शीद आगे बोले की यह कहना बहुत ही मुश्किल है कि पाकिस्तान के साथ कब बातचीत की जाएगी लेकिन मुझे नहीं पता कि किसी मुद्दों को खत्म करना है तो वह बिना बातचीत के संभव हो पाएगा।

देखिए वीडियो

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App