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ज्योतिरादित्य इकलौते थे जो सीधे मेरे घर आ सकते थे, आजकल मैं किसी से नहीं मिल रहा: राहुल गांधी

इससे पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में शामिल होने की पृष्ठभूमि में कांग्रेस ने कहा कि पार्टी में प्रतिभा का कोई पलायन नहीं हो रहा है तथा युवा नेताओं को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा और जिम्मेदारी भी दी जाएगी।

ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस नेता राहुल गांधी। (इंडियन एक्सप्रेस फोटो)

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को मिलने का समय नहीं देने संबंधी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सिंधिया इकलौते व्यक्ति थे जो उनके घर कभी भी आ सकते थे। दरअसल संसद परिसर में पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष से सवाल किया गया था कि क्या सिंधिया को सोनिया गांधी या आपसे (राहुल) मिलने का समय नहीं दिया जा रहा था? इसके जवाब में उन्होंने कहा, ‘सिंधिया इकलौते शख्स हैं जो उनके घर कभी भी आ सकते थे क्योंकि वह मेरे साथ कॉलेज में थे।’

इंडियन एक्सप्रेस में छपे कूमी कपूर के एक लेख के मुताबिक संसद भवन में दाखिल होते समय एनसीपी नेता सुप्रिया सुले ने जब कांग्रेस में दो नई नियुक्तियों के लिए राहुल गांधी को बधाई दी तो वो इससे सहमत नहीं हुए। उन्होंने यह कहते हुए इसका श्रेय लेने से इनकार कर दिया, ‘मैं नियुक्तियां नहीं कर रहा हूं। मैं किसी से नहीं मिल रहा हूं।’ इसी बीच वायनाड से कांग्रेस सांसद के करीब एक पत्रकार ने ज्योतिरादित्य सिंधिया से जुड़ा सवाल पूछा। इसके जवाब में उन्होंने कहा, ‘वह इकलौते ऐसे नेता थे जो सीधे में मेरे घर में आ सकते थे। हम कॉलेज में एक साथ थे।’

इससे पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में शामिल होने की पृष्ठभूमि में कांग्रेस ने कहा कि पार्टी में प्रतिभा का कोई पलायन नहीं हो रहा है तथा युवा नेताओं को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा और जिम्मेदारी भी दी जाएगी। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने इन अटकलों को भी खारिज कर दिया कि सिंधिया के बाद कुछ दूसरे नेता भी कांग्रेस छोड़ सकते हैं। उन्होंने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि कांग्रेस में कोई प्रतिभा पलायन हो रहा है। राहुल गांधी ने ज्योतिरादित्य के कांग्रेस छोड़ने पर स्थिति स्पष्ट की है।’

सुरजेवाला ने कहा, ‘कोई भी व्यक्ति अगर कांग्रेस पार्टी से अलग होता है तो हमें बहुत दुख होता है। बहरहाल, सिंधिया जी या कोई भी दूसरा व्यक्ति हो, उसे यह सोचना होगा कि उसके लिए पार्टी की मूल विचारधारा महत्वपूर्ण है या फिर कोई पद अहम है।’ कांग्रेस नेता ने कहा कि अगर लोक पद की लालसा और विचारधारा में फर्क करने लगेंगे तो चीजें अपने आप ठीक हो जाएंगी।

दरअसल, सिंधिया के भाजपा में शामिल होने के बाद लगातार ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि कांग्रेस के कई दूसरे युवा नेता भी ऐसा ही कदम उठा सकते हैं। करीब 18 साल तक कांग्रेस में रहने के बाद सिंधिया पिछले दिनों भाजपा में शामिल हो गए। उन्हें भाजपा ने मध्य प्रदेश से राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है।

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