मेरे शब्द लिखकर रख लीजिए…जब किसान आंदोलन पर बोले थे राहुल गांधी, वीडियो शेयर कर बोले- अन्नदाता ने अहंकार का सिर झुका दिया

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने वीडियो को ट्वीट करते हुए लिखा कि देश के अन्नदाता ने सत्याग्रह से अहंकार का सर झुका दिया। अन्याय के खिलाफ ये जीत मुबारक हो!

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प्रधानमंत्री मोदी के द्वारा तीनों कृषि कानूनों को वापस लिए जाने के ऐलान पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि किसानों ने अहंकार का सर झुका दिया। (एक्सप्रेस फोटो)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 नवंबर को तीनों कृषि कानून वापस लेने की घोषणा की। कृषि कानून वापस लिए जाने की घोषणा होने के बाद विपक्षी दलों के नेताओं ने जमकर प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी अपना पुराना वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा कि अन्नदाता ने अहंकार का सिर झुका दिया।

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने ट्विटर अपना पुराना वीडियो साझा किया। जिसमें उन्होंने कहा था कि किसान जो भी कर रहे हैं उसपर मुझे पूरा गर्व है। मैं किसानों का पूरी तरह से समर्थन करता हूं और उनके साथ खड़ा रहूंगा। मैंने पंजाब यात्रा के दौरान किसानों के मुद्दे को उठाया था। आगे उन्होंने कहा कि आप मेरे शब्द लिखकर रख लीजिए। सरकार इन तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने पर बाध्य होगी। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इसी वीडियो को ट्वीट करते हुए लिखा कि देश के अन्नदाता ने सत्याग्रह से अहंकार का सर झुका दिया। अन्याय के खिलाफ ये जीत मुबारक हो! जय हिंद, जय हिंद का किसान!

इसके अलावा कई और विपक्षी दलों के नेताओं ने भी तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने पर प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि 700 से ज़्यादा किसानों की मौत के बाद अगर ये सरकार कृषि क़ानून वापस लेती है तो इससे पता चलता है कि यह सरकार किसानों के बारे में कितना सोचती है। साल भर से जो किसान और आम जनता का नुकसान हुआ है इसकी ज़िम्मेदारी कौन लेगा? इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे।

वहीं शिवसेना सांसद संजय राउत ने भी तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने पर कहा कि आज सरकार को तीनों कृषि कानून वापस लेने पड़े हैं, राजनीति की वजह से यह वापस लिए गए हैं लेकिन मैं इसका स्वागत करता हूं। पंजाब और उत्तर प्रदेश के चुनाव में हार के डर की वजह से यह कानून वापस लिए हैं। सरकार के ऊपर दबाव था आखिर में किसानों की जीत हुई। इसके अलावा राजद नेता तेजस्वी यादव ने भी ट्वीट करते हुए लिखा कि किसान की जीत, देश की जीत, पूंजीपतियों, उनके रखवालों और सरकार की हार।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी कृषि कानूनों को वापस लिए जाने के ऐलान पर कहा कि आज प्रकाश दिवस के दिन कितनी बड़ी ख़ुशख़बरी मिली। तीनों क़ानून रद्द। 700 से ज़्यादा किसान शहीद हो गए। उनकी शहादत अमर रहेगी। आने वाली पीढ़ियां याद रखेंगी कि किस तरह इस देश के किसानों ने अपनी जान की बाज़ी लगाकर किसानी और किसानों को बचाया था। मेरे देश के किसानों को मेरा नमन।

शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए तीनों कृषि कानूनों को वापस करने का ऐलान किया। कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान करते समय प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज मैं आपको, पूरे देश को, ये बताने आया हूं कि हमने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का निर्णय लिया है। इस महीने के अंत में शुरू होने जा रहे संसद सत्र में, हम इन तीनों कृषि कानूनों को वापस करने की संवैधानिक प्रक्रिया को पूरा कर देंगे। 

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