राहुल की टी-पार्टी में 14 दल के MPs, पर AAP का किनारा, SAD को न्यौता ही नहीं; BSP सांसद बोले- जब मुद्दे एक, तो बैठक क्यों?

मॉनसून सत्र में पेगासस जासूसी कांड सहित कई अन्य मुद्दों पर घेरने के लिए राहुल गांधी ने आज विपक्ष की 14 पार्टियों के साथ बैठक की। इस बैठक का उद्देश्य एक साझी रणनीति थी जिससे केंद्र को संसद के अंदर मजबूती से घेरा जा सके।

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विपक्षी दल के नेताओं के साथ राहुल गांधी की मीटिंग (फोटो- PTI)

आज कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने विपक्ष के नेताओं के साथ पेगासस केस और अन्य मुद्दों पर मोदी सरकार को घेरने की साझा रणनीति के लिए एक बैठक की। राहुल ने विपक्ष की 17 पार्टियों को आज नाश्ते पर बुलाया था जिसमें से 15 पार्टियों के नेता इस बैठक में पहुंचे।

राहुल गांधी के न्योते पर कई प्रमुख विपक्षी दलों के नेता यहां कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में नाश्ते पर मिले। बैठक में राहुल गांधी के साथ राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी, वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश इस बैठक में मौजूद थे।

बाकी विपक्षी पार्टियों में तृणमूल कांग्रेस के नेता कल्याण बनर्जी, समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव, शिवसेना नेता संजय राउत, राजद के मनोज झा, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रफुल्ल पटेल समेत 15 दलों के नेता शामिल हुए।

सूत्रों के अनुसार इस बैठक में कुल 17 पार्टियों को न्यौता दिया गया था, लेकिन बसपा और आम आदमी पार्टी के नेता इस बैठक में शामिल नहीं हुए। बसपा सांसद रितेश पांडे ने कहा कि उन्हें बैठक के बारे में जानकारी नहीं है। जब मुद्दे एक ही हैं तो बैठक की क्या जरूरत है। वहीं अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर ने कहा कि हमें किसी ने नहीं बुलाया है। बैठक को लेकर खड़गे ने कहा कि संसद में सरकार को घेरने की साझा रणनीति पर चर्चा के लिए यह बैठक बुलाई गई थी।  उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी दल एकजुट हैं। इस बैठक के बाद राहुल गांधी कई विपक्षी नेताओं के साथ साइकिल से संसद पहुंचे।

राहुल की इस मीटिंग में राकांपा, शिवसेना, राजद, सपा, माकपा, भाकपा, आईयूएमएल, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी), केरल कांग्रेस (एम), झारखंड मुक्ति मोर्चा, नेशनल कॉन्फ्रेंस, टीएमसी और लोकतांत्रिक जनता दल (एलजेडी) के नेताओं ने भाग लिया।

कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं के साथ नाश्ते पर ऐसे समय बैठक की है जब पेगासस और किसान के मुद्दों को लेकर पिछले कई दिनों से संसद के दोनों सदनों में गतिरोध बना हुआ है। 19 जुलाई से मॉनसून सत्र आरंभ हुआ था। लेकिन, अब तक दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित रही है।

विपक्षी दलों का कहना है कि पेगासस जासूसी मुद्दे पर पहले चर्चा कराने के लिए सरकार तैयार हो, उसके बाद ही सदन चल पाएगा।

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