ताज़ा खबर
 

बहन प्रियंका वाड्रा चाहती थीं राहुल गांधी का इस्तीफा, यूपीए चेयरपर्सन सोनिया भी फैसला बदलवाने के हक में नहीं!

लोकसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफे की पेशकश संबंधी फैसले का उनकी बहन प्रियंका गांधी ने समर्थन किया है। प्रियंका भी चाहती हैं पार्टी के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी किसी अन्य को दी जाए।

प्रियंका गांधी किसी अन्य व्यक्ति को पार्टी बनाए जाने के पक्ष में। (फाइल फोटोः इंडियन एक्सप्रेस)

लोकसभा चुनाव 2019 में हार के बाद कांग्रेस की वर्किंग कमेटी में पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी के इस्तीफा देने की पेशकश का प्रियंका गांधी ने समर्थन किया था। एनडीटीवी ने सूत्रों के हवाले से यह खबर दी है। खबर के अनुसार कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने भले ही सर्वसम्मति से राहुल के इस्तीफा देने की पेशकश को खारिज कर दिया हो लेकिन प्रियंका, राहुल गांधी के इस्तीफा देने के पक्ष में थीं।

प्रियंका चाहती थीं कि किसी अन्य व्यक्ति को पार्टी के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी जाए। इससे पहले हार के कारणों का मंथन करने के लिए कांग्रेस की वर्किंग कमेटी की बैठक दिल्ली मुख्यालय में शनिवार को बुलाई गई थी। बैठक में 48 वर्षीय पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि चुनाव में पार्टी के खराब प्रदर्शन के बाद वह इस्तीफा देना चाहते हैं।

राहुल गांधी के हवाले से कहा गया था, ‘हमें अपनी लड़ाई जारी रखनी होगी। मैं पार्टी का अनुशासित सिपाही बना रहूंगा और निडरता से अपनी लड़ाई जारी रखूंगा लेकिन मैं पार्टी अध्यक्ष पद पर नहीं बने रहना चाहता हूं।’ सूत्रों के हवाले से बताया गया कि सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी ने कहा कि वे कांग्रेस अध्यक्ष का मत बदलने में सक्षम नहीं हैं क्योंकि यह उनका ‘व्यक्तिगत निर्णय’ है।

4 घंटे तक चली इस बैठक में जब किसी अन्य का नाम पार्टी अध्यक्ष के रूप में उठा तो राहुल ने कहा, ‘मेरी बहन को इस सब में मत लाइए। यह जरूरी नहीं है कि पार्टी अध्यक्ष गांधी परिवार से ही होना चाहिए।’ इससे पहले टाइम्स ऑफ इंडिया ने खबर दी थी कि प्रियंका ने राहुल गांधी को पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने से मना किया था।

खबर के अनुसार प्रियंका का कहना था कि राहुल गांधी को अपने पद से इस्तीफा नहीं देना चाहिए। कांग्रेस महासचिव ने कहा, ‘भाजपा चाहती है कि राहुल गांधी कांग्रेस के अध्यक्ष पद इस्तीफा दे दें। अगर वह ऐसा कदम उठाते हैं तो वह खुद-ब-खुद भाजपा के जाल में फंस जाएंगे।’ इससे पहले पी. चिदंबरम के अलावा एके एंटनी, गुलाम नबी आजाद ने भी राहुल गांधी को इस्तीफा देने का विरोध किया था।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

X