सफाईकर्मी की मौत पर सियासी बवाल; प्रियंका गांधी को आगरा जाने की सशर्त अनुमति मिली, CM योगी बोले- कानून से खिलवाड़ की इजाजत नहीं

आगरा में पुलिस कस्टडी में सफाई कर्मचारी की मौत से स्थानीय लोगों में गुस्सा है और उनकी मांग है कि मृतक के परिवार को 1 करोड़ का मुआवजा और एक सरकारी नौकरी दी जाए।

Priyanka Gandhi
जिस शख्स की पुलिस कस्टडी में मौत हुई थी, वह आगरा के एक थाने के मालखाने से नकदी चुराने का आरोपी था। (फोटो सोर्स- INC Twitter)

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी को 4 लोगों के साथ आगरा जाने के लिए सशर्त अनुमति मिल गई है। इससे पहले उन्हें आगरा जाने से रोक दिया गया था और हिरासत में लिया गया था। वह उस शख्स के परिजनों से मिलने जा रही थीं, जिसकी मौत पुलिस कस्टडी में हुई थी।

प्रियंका गांधी को हिरासत में लिए जाने पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ की इजाजत किसी को नहीं है।

बता दें कि जिस शख्स की पुलिस कस्टडी में मौत हुई थी, वह आगरा के एक थाने के मालखाने से नकदी चुराने का आरोपी था। दरअसल आगरा के जगदीशपुरा थाने के मालखाने से 25 लाख रुपए की चोरी के आरोप में वहां सफाई कर्मचारी के रूप में काम करने वाले अरुण को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही थी। लेकिन उसकी पुलिस कस्टडी में मौत हो गई थी।

इसके बाद आगरा जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) ने थाना प्रभारी समेत छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था और पुलिस ने ये भी बताया था कि तलाशी के दौरान अरुण के घर से 15 लाख रुपए बरामद हुए थे।

वहीं कांग्रेस नेता प्रियंका को हिरासत में लेने के मुद्दे पर पुलिस आयुक्त डीके ठाकुर का कहना है कि आगरा के जिलाधिकारी ने लखनऊ पुलिस से लिखित अनुरोध किया था कि राजधानी से आगरा आने वाले राजनीतिक दलों के नेताओं को कानून-व्यवस्था के मद्देनजर वहां न आने दिया जाए।

उन्होंने कहा कि इसी वजह से कांग्रेस महासचिव और उनके साथ जा रहे अन्य लोगों को लखनऊ आगरा एक्सप्रेस-वे पर लखनऊ सीमा के अंदर ही रोक दिया गया।

बता दें कि आगरा में पुलिस कस्टडी में सफाई कर्मचारी की मौत से स्थानीय लोगों में गुस्सा है और उनकी मांग है कि मृतक के परिवार को 1 करोड़ का मुआवजा और एक सरकारी नौकरी दी जाए।

गौरतलब है कि यूपी में साल 2022 में चुनाव हैं। ऐसे में सियासी मुद्दों पर राजनीतिक पार्टियां काफी एक्टिव हैं और इनका असर योगी सरकार पर पड़ सकता है। इससे पहले लखीमपुर में हुई हिंसा का मामला काफी तूल पकड़ा था। इस दौरान भी प्रियंका गांधी काफी एक्टिव दिखाई दी थीं और उन्होंने इस मुद्दे को लेकर योगी सरकार को घेरने की खूब कोशिश की थी।

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