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पेट्रोल-डीजल को लेकर सूबों के हाल पर बोले पूर्व FM चिदंबरम- एक तरफ कुआं, एक ओर खाई

कांग्रेस नेता ने कहा कि पेट्रोल तथा डीजल पर राज्यों को उत्पाद शुल्क का काफी कम हिस्सा मिल रहा है। उन्हें वैट के जरिए पेट्रोल और डीजल पर राजस्व मिलता है।

P Chidambaram, Petrol Price
पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम(फोटो सोर्स: ANI)।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर वैट में कटौती को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने केंद्र सरकार से सवाल किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र जबतक राज्यों को और अधिक फंड या अनुदान नहीं देता है तो क्या पेट्रोल और डीजल पर वैट से राजस्व छोड़ने का जोखिम राज्य उठा सकते हैं? उन्होंने कहा कि राज्यों के लिए ये हालात ‘एक तरफ कुआं और एक ओर खाई’ के जैसे हैं।

उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, “दो महीने में 10 रुपये प्रति लीटर बढ़ाए और पेट्रोल पर 9.50 रुपये प्रति लीटर और डीज़ल पर 7 रुपये प्रति लीटर की कटौती करें। यह अधिक लूटने और बाद में कम भुगतान करने के बराबर है!” वहीं एक और ट्वीट में पूर्व वित्त मंत्री ने लिखा कि राज्यों से किया गया वित्त मंत्री का आह्वान व्यर्थ है।

उन्होंने वित्त मंत्री को लेकर कहा, “जब वह केंद्रीय उत्पाद शुल्क में एक रुपये की कटौती करती हैं, तो उस रुपये का 41 पैसा राज्यों का होता है इसका मतलब है कि केंद्र ने 59 पैसे और राज्यों ने 41 पैसे की कटौती की है। इसलिए उंगली मत उठाइए।” पी चिदंबरम ने कहा, “असली कटौती तब होगी जब केंद्र पेट्रोल और डीज़ल पर लगने वाले उपकर में कटौती करे (जो राज्यों के साथ साझा नहीं किया जाता है)।”

कांग्रेस नेता ने कहा कि पेट्रोल तथा डीजल पर राज्यों को उत्पाद शुल्क का काफी कम हिस्सा मिल रहा है। उन्हें वैट के जरिए पेट्रोल और डीजल पर राजस्व मिलता है। ऐसे में जब तक राज्यों को केंद्र की तरफ से अधिक फंड नहीं दिया जाता, क्या तब तक राज्य राजस्व में कटौती कर पाएंगे? उन्होंने कहा कि यह स्थिति राज्यों के लिए ‘एक तरफ कुआं और एक ओर खाई’ के जैसी है।

गौरतलब है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर लगाम लगाने के लिए 22 मई को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान कि पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क में 8 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 6 रुपये लीटर की कटौती की घोषणा की। ऐसे में पेट्रोल की कीमत में 9.50 और डीजल पर 7 रुपये की कटौती होगी।

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