कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर ने एक बार फिर खुद को गांधीवादी, नेहरूवादी और राजीववादी तो बताया लेकिन राहुलवादी नहीं। हाल ही में राहुल गांधी पर की गई उनकी टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर अय्यर ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से बुधवार को कहा, ”कोई मुझसे ‘राहुलियन’ (राहुलवादी) होने की उम्मीद कैसे कर सकता है, जब वह (राहुल गांधी) मुझसे लगभग 30 साल छोटे हैं और मुझे उसके साथ काम करने का मौका नहीं मिला है?”

अय्यर ने कहा कि उन्होंने खुद को ‘इंदिरावादी’ नहीं कहा क्योंकि वह इंदिरा गांधी द्वारा आपातकाल की घोषणा करके लोकतंत्र को तानाशाही में बदलने के कदम से पूरी तरह असहमत थे।

अय्यर ने कुछ दिन पहले भी कहा था, ”मैं गांधीवादी हूं, मैं नेहरूवादी हूं, मैं राजीववादी हूं लेकिन मैं राहुलवादी नहीं हूं।” अपने बयान के बारे में विस्तार से बताते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ”मैं उस वक्त छह साल का था और मेरा भाई चार साल का था जब महात्मा गांधी ने हमें अपनी बाहों में उठाया और कहा, ‘ये मेरे सूरज और चांद हैं।”

अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले कांग्रेस नेता अय्यर ने कहा, ”वहीं से, मैं ‘गांधीवादी’ बन गया। जहां तक ​​नेहरू की बात है, जब वह प्रधानमंत्री बने तो मैं छह साल का था और जब वह विदा हुए तो मैं 23 साल का था, इसलिए मेरे बड़े होने के पूरे वर्ष नेहरूवादी विचार में डूबे हुए थे, यही कारण है कि मैं भी खुद को नेहरूवादी मानता हूं।”

अय्यर ने कहा, “मैं खुद को ‘राजीवियन’ (राजीववादी) कहता हूं क्योंकि वह भले ही मुझसे दो साल छोटे थे लेकिन वह मुझे प्रधानमंत्री कार्यालय में लाए और अपने इस काम से मुझे आश्चर्यचकित कर दिया… मुझे इस पर विश्वास नहीं हो रहा था। इस तरह मैं राजीववादी बन गया।”

थरूर, वेणुगोपाल और खेड़ा को लेकर दिया था बयान

अय्यर की उन टिप्पणियों को लेकर हाल ही में अच्छा-खासा राजनीतिक हंगामा हुआ था जब उन्होंने कांग्रेस में अपने सहयोगियों- पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर, कांग्रेस (संगठन) महासचिव केसी वेणुगोपाल और पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा पर निशाना साधा था। अय्यर ने थरूर को “सिद्धांतहीन करियरवादी”, केसी वेणुगोपाल को गुंडा और पवन खेड़ा को कठपुलती बताया था। 

अय्यर ने मंगलवार को कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा हमला बोला था। अय्यर ने कहा था कि यदि इस पार्टी के कर्ताधर्ता असहमति के स्वर का सामना नहीं कर सकते तो यह मुख्य विपक्षी दल के लिए ‘विनाशकारी है’ तथा पार्टी को शासन करने का कोई अधिकार नहीं है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस आलाकमान को चुनौती दी थी कि वह राहुल गांधी के मुंह से राजीव गांधी का 1989 में दिया वह बयान फिर से दिलवाए कि सिर्फ धर्मनिरपेक्ष भारत ही कायम रह सकता है।

इससे पहले भी अय्यर ने बीते रविवार को कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। तब उन्होंने केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की तारीफ की और उनके फिर से मुख्यमंत्री बनने की संभावना जताई। कांग्रेस ने अय्यर की टिप्पणी को खारिज करते हुए कहा था कि पार्टी से उनका कोई संबंध नहीं है।

‘मणिशंकर अय्यर कौन हैं’, भड़के उदित राज

मणिशंकर अय्यर के केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की तारीफ करने पर कांग्रेस नेता उदित राज ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।