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पीएम मोदी पर बरसे खड़गे, बोले- हर्षवर्धन को बना दिया गया बलि का बकरा

कहा "देश इस महामारी की दूसरी लहर से गुजरा और कहा जा रहा है कि हम तीसरी लहर के मुहाने पर खड़े हैं। इस महामारी से मिले घाव कभी नहीं भरेंगे।" उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री समस्याएं सुलझाने में विफल रहे।

राज्य सभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे। (फोटो- एएनआई)

संसद के मानसून सत्र की शुरुआत बेहद हंगामेदार रही। कोविड-19 महामारी प्रबंधन और सरकार की जिम्मेदारी को लेकर सदस्यों ने केंद्र के रवैए पर नाराजगी जताई। विपक्षी सदस्यों ने कोविड-19 संबंधी आंकड़े छिपाने का आरोप लगाते हुए राज्यसभा में दावा किया कि इस महामारी के प्रबंधन में सरकार पूरी तरह विफल रही है, वहीं सत्ता पक्ष ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था की पुख्ता नींव और कई पहलों की वजह से इस महामारी के दौर में देश मजबूती से खड़ा रहा।

“देश में कोविड-19 महामारी का प्रबंधन, टीकाकरण का कार्यान्वयन और संभावित तीसरी लहर को देखते हुए नीति और चुनौतियां” विषय पर उच्च सदन में अल्पकालिक चर्चा की शुरुआत करते हुए विपक्ष के नेता एवं कांग्रेस के वरिष्ठ सदस्य मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि कोविड-19 के नतीजे इतने भयावह होंगे, इसका अनुमान नहीं था। लेकिन सरकार ने नोटबंदी की तरह रातों-रात लॉकडाउन का ऐलान कर दिया। सरकार ने इसकी तैयारी नहीं की। लोगों के घर वापस जाने के लिए कोई ट्रेन नहीं थी। लोगों की आजीविका प्रभावित हुई। ऐसे में सरकार को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा “देश इस महामारी की दूसरी लहर से गुजरा और कहा जा रहा है कि हम तीसरी लहर के मुहाने पर खड़े हैं। इस महामारी से मिले घाव कभी नहीं भरेंगे।” उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री समस्याएं सुलझाने में विफल रहे और स्वास्थ्य मंत्री को उन्होंने बलि का बकरा बना दिया। बोले, सरकार ने लोगों से मास्क पहनने और सामाजिक दूरी बनाए रखने को कहा, लेकिन अलग-अलग राज्यों में चुनाव के दौरान वे क्या कर रहे थे? आप अपने ही नियम तोड़ रहे हैं। आपको कोविड मानदंडों का उल्लंघन करने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

उन्होंने कहा “प्रवासी कामगार, नौकरी-रोजगार जाना, अस्पतालों में बेड-ऑक्सीजन न मिलना, लॉकडाउन और अर्थव्यवस्था का तबाह होना…। सरकार ने इस पर चिंता नहीं जताई। सरकार को विज्ञापन दिखाने में, लुभावनी बातें करने और उन्हें बार बार दोहराने में महारत हासिल है।” उन्होंने सरकार पर झूठे आंकड़े जारी करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा “सरकार दावा करती है कि कोविड-19 महामारी से करीब चार लाख लोगों की जानें गई। देश में 6,38,565 गांव हैं। अगर एक एक गांव में इस महामारी ने पांच पांच लोगों की भी जान ली है तो कोविड से मौत का आंकड़ा 31,91,825 होता है।” खड़गे ने सवाल किया कि क्या हमेशा यह रहस्य बना रहेगा कि कोविड से कितने लोगों की जान गई?

इसको लेकर राज्यसभा में शिव सेना नेता संजय राउत ने सवाल उठाए और कहा कि सरकार से हमारा सवाल है कि आप आंकड़े क्यों छुपा रहे हैं? कितने लोगों की मौत हुई? हमें इसका सही आंकड़ा बताइए। जो रिपोर्ट हैं वो सरकारी आंकड़े से ज़्यादा है। आज पूरे देश में वैक्सीन की कमी है।

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