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सोनिया को चिट्ठी लिखने वाले कपिल सिब्बल बोले- कांग्रेस नहीं रही जनता की पसंद, सब जान कर भी ख़ामोश है नेतृत्व

सिब्बल ने कहा, "संगठन के तौर पर हम जानते हैं कि क्या गड़बड़ है। हमारे पास जवाब हैं। कांग्रेस पार्टी के पास खुद भी जवाब हैं। लेकिन वह इन जवाबों को पहचानने के लिए तैयार नहीं।"

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र नई दिल्ली | Updated: November 16, 2020 8:38 AM
Congress, Kapil Sibalकांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल। (फाइल फोटो)

भारत की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस इस वक्त संकट के दौर से गुजर रही है। एक के बाद एक राज्य के चुनावों में खराब प्रदर्शन के बाद बिहार विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस कोई जादू दिखाने में असफल रही और पिछली बार से कहीं ज्यादा खराब प्रदर्शन किया। यहां तक कि पार्टी- उत्तर प्रदेश, गुजरात समेत कहीं भी उपचुनाव जीतने में भी सफल नहीं हुई। अब कांग्रेस की इस स्थिति और चुनावी हार पर कपिल सिब्बल ने मनोज सीजी से बात की है। गौरतलब है कि सिब्बल कांग्रेस के उन नेताओं में शामिल रहे थे, जिन्होंने कुछ समय पहले ही सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखकर हर स्तर पर शीर्ष नेतृत्व में बदलाव की मांग रखी थी।

सिब्बल से जब हालिया बिहार चुनाव और बाकी राज्यों के उपचुनाव में खराब प्रदर्शन को लेकर सवाल पूछे गए, तो उन्होंने कहा, “सिर्फ बिहार ही नहीं, जहां उपचुनाव भी हुई, वहां इस देश के लोग अब कांग्रेस को प्रभावी विकल्प नहीं मानते। यह एक निष्कर्ष है। आखिर बिहार में विकल्प राजद थी हम गुजरात में सभी उपचुनाव की सीटें हार गए। यहां तक कि लोकसभा चुनाव में भी हम वहां एक सीट नहीं जीत पाए थे। उत्तर प्रदेश की कई विधानसभाओं में कांग्रेस प्रत्याशियों को दो फीसदी से भी कम वोट मिले गुजरात में तो हमारे तीन प्रत्याशियों की जमानत तक जब्त हो गई। तो पार्टी की स्थिति के बारे में सब साफ है। कांग्रेस वर्किंग कमेटी में शामिल हमारे एक दोस्ट कहते हैं- मुझे उम्मीद है कि कांग्रेस आत्मविश्लेषण करेगी।”

कांग्रेस जानती है अपनी समस्याएं, पर उन्हें हल करने के लिए तैयार नहीं: सिब्बल ने एक बार फिर शीर्ष नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा, “अगर छह सालों में कांग्रेस ने आत्मविश्लेषण नहीं किया, तो अब इसके बारे में उम्मीद करने से क्या? हम जानते हैं कांग्रेस के साथ क्या गड़बड़ है। संगठन के तौर पर हम जानते हैं कि क्या गड़बड़ है। हमारे पास जवाब हैं। कांग्रेस पार्टी के पास खुद भी जवाब हैं। लेकिन वह इन जवाबों को पहचानने के लिए तैयार नहीं। अगर वे इसे नहीं पहचानते तो ग्राफ गिरता ही जाएगा। यह कांग्रेस की दुखद स्थिति है और हमें इसी की चिंता है।”

कांग्रेस नेतृत्व क्यों नहीं उठा पा रहा मुद्दे: कांग्रेस की तरफ से कई मुद्दों को न उठाए जाने के सवाल पर सिब्बल ने कहा, “मुद्दे उठाने में रुकावट है, क्योंकि CWC एक नामांकित संस्था है। इसमें लोकतांत्रिक प्रक्रियाएं अपनाई जानी चाहिए, जिन्हें CWC के संविधान में भई शामिल किया जाना चाहिए। आप नामित सदस्यों से तो चुनावों में कांग्रेस के लगातार गिरते प्रदर्शन पर सवाल पूछने और चिंता जाहिर करने की उम्मीद नहीं कर सकते।”

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