प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को एक वीडियो शेयर किया और परीक्षा सुधारों के लिए एक हाई-पावर्ड टास्क फोर्स का गठन किया है। इस टास्क फोर्स की अध्यक्षता नंदन नीलेकणि करेंगे। इसे लेकर कांग्रेस के महासचिव और सांसद जयराम रमेश ने इस पर सवाल खड़े किए हैं।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि केंद्र सरकार ने 2024 के नीट परीक्षा परिणाम लीक विवाद के बाद गठित समिति की सिफारिशों को अभी तक लागू नहीं किया है। पीएम मोदी की यह घोषणा धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे के एक दिन बाद आई है। यह इस्तीफा कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में हुए व्यापक जन-पीढ़ीगत विरोध प्रदर्शनों के बीच दिया गया था।

पीएम मोदी पर किया कटाक्ष

जयराम रमेश ने पीएम मोदी के वीडियो पर रीट्वीट करते हुए कटाक्ष करते हुए फ्रेंड्स कहा, “जो पीएम मोदी ने अपनी वीडियो में युवाओं को संबोधन करने के लिए इस्तेमाल किया था। आगे कहा, “जून 2024 में नीट यूजी समेत कई परीक्षाओं में गड़बड़ी करने के बाद मोदी सरकार ने परीक्षाओं का पारदर्शी, सुचारु और निष्पक्ष संचालन सुनिश्चित करने के लिए ISRO के पूर्व अध्यक्ष डॉ. के. राधाकृष्णन की अगुवाई में एक उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया था।”

कांग्रेस महासचिव ने कहा, “जुलाई 2026 में, NEET-UG और अन्य परीक्षाओं में एक बार फिर गड़बड़ी करने के बाद मोदी सरकार ने परीक्षा सुधारों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए एक उच्चस्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया है। मोदी सरकार अब तक डॉ. के. राधाकृष्णन समिति की 101 सिफारिशों को पूरी तरह लागू भी नहीं कर पाई है। बल्कि 2024 से 2026 के बीच लगभग दो वर्षों तक उसने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के लिए पूर्णकालिक महानिदेशक तक नियुक्त नहीं किया।”

छवि सुधारने की कोशिश

कांग्रेस सांसद ने कहा, “आखिरकार, यह सब केवल प्रधानमंत्री की अपूरणीय रूप से दागदार छवि को सुधारने की एक हाई-पावर्ड कोशिश भर है।”

प्रधानमंत्री ने टास्क फोर्स बनाने का फैसला किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को एक वीडियो शेयर करते हुए कहा, “भारत सरकार छात्रों के भविष्य के लिए लगातार कई कदम उठा रही है। जिन लोगों ने छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया, वे जेल में हैं। हमने पहले ही फास्ट-ट्रैक कोर्ट बना दिए हैं। हम संसद में नया कानून लाने की दिशा में भी बढ़ रहे हैं, जिसमें कड़े कानूनी प्रावधान होंगे। हालांकि, हमें भविष्य पर भी ध्यान देना होगा। हमारी परीक्षा प्रणाली भरोसेमंद और पारदर्शी होनी चाहिए, और इसमें टेक्नोलॉजी का अधिक से अधिक इस्तेमाल होना चाहिए।”

आगे कहा, “इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए, हमने दुनिया के जाने-माने टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट नंदन नीलेकणि की अगुवाई में एक हाई-पावर्ड टास्क फोर्स बनाने का फैसला किया है। यह टास्क फोर्स परीक्षा में सुधारों पर ध्यान देगी और इसकी रिपोर्ट के आधार पर, आने वाली परीक्षाओं की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए जल्द से जल्द कदम उठाए जाएंगे।”

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कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ी हुई है। सीजेपी ने केंद्र सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। सीजेपी की ओर से कहा गया है कि अगर सरकार केंद्रीय शिक्षा मंत्री को नहीं हटाती या वह खुद इस्तीफा नहीं देते तो फिर से संसद की ओर मार्च किया जाएगा लेकिन सरकार के भीतर ऐसी राय बनती दिख रही है कि धर्मेंद्र प्रधान को कैबिनेट से हटाने की मांग को पूरा नहीं किया जा सकता। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें