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लेकिन मूर्ख, नफरती, दंगाई, तिरंगा विरोधी, धूर्त संघी देशभक्त हैं- हार्दिक पटेल का ट्वीट, कर दिए गए ट्रोल

हार्दिक ने ट्वीट कर लिखा "पंजाबी का किसान - ख़ालिस्तानी हैं। मुसलमान - आतंकवादी हैं। पढ़ा लिखा हिंदू - कम्युनिस्ट हैं। पढ़ी लिखी लड़की - फ़ेमीनाजी हैं। आदिवासी - नक्सली हैं। लेकिन मूर्ख, नफ़रती, दंगाई, तिरंगा विरोधी, धूर्त संघी देशभक्त हैं।" कांग्रेस नेता के इस ट्वीट पर लोगों ने उन्हें ट्रोल भी किया है। एक यूजर ने लिखा "और दरबारी एक परिवार के गुलाम हैं। "

Author Edited By सिद्धार्थ राय नई दिल्ली | Updated: November 27, 2020 12:30 PM
hardik patel, gujrat, farm billकांग्रेस नेता हार्दिक पटेल को उनके ट्वीट का लिए यूजर्स ने ट्रोल किया। (file)

कांग्रेस नेता हार्दिक पटेल ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनत पार्टी (BJP) समर्थकों पर निशाना साधते हुए एक ट्वीट किया है। सोशल मीडिया पर कुछ लोग पंजाब-हरियाणा के किसानों के आंदोलन को खालिस्तान से जोड़ रहे हैं। इसे लेकर न्यूज़ चैनल टीवी9 भारतवर्ष ने भी एक शो किया था। चैनल ने “पंजाब-हरियाणा के किसानों को खालिस्तान ने मोहरा बनाया” नाम से पूरा प्रोग्राम चलाया था।

इसी संदर्व में हार्दिक ने ट्वीट कर लिखा “पंजाबी का किसान – ख़ालिस्तानी हैं। मुसलमान – आतंकवादी हैं। पढ़ा लिखा हिंदू – कम्युनिस्ट हैं। पढ़ी लिखी लड़की – फ़ेमीनाजी हैं। आदिवासी – नक्सली हैं। लेकिन मूर्ख, नफ़रती, दंगाई, तिरंगा विरोधी, धूर्त संघी देशभक्त हैं।” कांग्रेस नेता के इस ट्वीट पर लोगों ने उन्हें ट्रोल भी किया है। एक यूजर ने लिखा “और दरबारी एक परिवार के गुलाम हैं। ”

एक यूजर ने लिखा “तो सीडी बनाने वाले को देशभक्ति का मेडल दे क्या? गुजरात की संपत्ति को जलाने वाले को मेडल दे क्या? जिस पर राष्ट्रद्रोह और राजद्रोह के मुकदमे लगे हो उसको मेडल दे क्या?” एक अन्य यूजर ने लिखा “देश को बर्बाद करने में इन लोगों कोई कसर नहीं छोड़ी है किसानों के कातिल यही गरीबों के कातिल यही मोबलिचीग कराने वाले यही धर्म के नाम देश को बांटने वाले यही।”

बता दें केन्द्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ ‘दिल्ली चलो’ मार्च के तहत सिंघु बॉर्डर पर पहुंचे किसानों के एक समूह को तितर-बितर करने के लिए दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को आंसू गैस के गोले दोगे। दिल्ली और हरियाणा को जोड़ने वाले सिंघु बार्डर पर आंसू गैस के गोले दागे गए। इसके अलावा मार्च के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने आप सरकार से शहर के नौ स्टेडियमों को अस्थायी जेल के तौर पर इस्तेमाल करने की अनुमति मांगी है। सरकारी सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

सूत्र ने बताया, ‘‘किसान मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने दिल्ली सरकार से नौ स्टेडियमों को अस्थायी जेल के रूप में इस्तेमाल करने की इजाजत मांगी है जहां हिरासत में लिए गए तथा गिरफ्तार किए गए किसानों को रखा जा सके।’’ केन्द्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ ‘दिल्ली चलो’ मार्च के तहत शुक्रवार सुबह सिंघु बॉर्डर पर पहुंचे किसानों के एक समूह को तितर-बितर करने के लिए दिल्ली पुलिस ने आंसू गैस के गोले दोगे।

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