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कांग्रेस में ‘अनबन’ के बीच बोले गुलाम नबी आज़ाद- पार्टी जहां बुलाएगी, चला जाऊंगा

आगामी पांच राज्यों में चुनाव से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आज़ाद ने शुक्रवार को कहा कि पार्टी का उनके लिए जो आदेश होगा वे उसका पालन करेंगे।

congressकांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद। (Indian Express)।

आगामी पांच राज्यों में चुनाव से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आज़ाद ने शुक्रवार को कहा कि पार्टी का उनके लिए जो आदेश होगा वे उसका पालन करेंगे। मालूम हो कि कांग्रेस के भीतर उथल-पुथल बनी हुई है। पार्टी में गांधी परिवार और उसके असंतुष्ट नेताओं के बीच खाई साफ तौर पर दिखाई दे रही है। गुलाम नबी आजाद ने कहा, ‘हम पांच राज्यों में पार्टी और उम्मीदवारों के लिए प्रचार करेंगे। यही हमारी प्राथमिकता है और कांग्रेस की जीत सुनिश्चित करने के लिए काम करेंगे। यह मैं पार्टी में अपने सहयोगियों की ओर से भी कह रहा हूं।’ मालूम हो कि पार्टी के 23 असंतुष्ट नेताओं, जिन्होंने पार्टी नेता सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखी थी, को “जी -23” नाम दिया गया है।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा, ‘जहां भी उम्मीदवार या पार्टी हमें चुनाव प्रचार के लिए बुलाएंगे… अगले दो महीने तक हमारा ध्यान वहीं केंद्रित रहेगा।’ आजाद ने दोहराया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर उनकी टिप्पणियों को कांग्रेस में गलत तरीके से देखा गया और गलत समझा गया। आजाद ने कहा, ‘मैंने पीएम की प्रशंसा नहीं की, इसका एक संदर्भ था।’ मालूम हो कि पिछले महीने जम्मू में एक सभा में, जहाँ आजाद ने और कांग्रेस के असंतुष्ट नेताओं ने एक बैठक की, आज़ाद के बयान ने कई लोगों को हैरान कर दिया था। आजाद ने कहा, ‘मुझे कई नेताओं के बारे में बहुत सारी बातें पसंद हैं। मैं एक गांव से हूं और मुझे इस पर गर्व है। यहां तक ​​कि हमारे पीएम (नरेंद्र मोदी) भी एक गांव से हैं और चाय बेचते थे। हम राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी हैं लेकिन मैं उनकी सराहना करता हूं।’

यह टिप्पणी ऐसे वक्त में आई जब इससे पहले पीएम मोदी आजाद को संसद में विदाई देते हुए भावुक हो गए थे। आज़ाद के हमले के बाद, बंगाल में मुस्लिम धर्मगुरु की पार्टी के साथ गठबंधन करने के पार्टी के फैसले पर एक और जी -23 नेता आनंद शर्मा ने हमला बोला था।

आनंद शर्मा ने कहा, ‘आईएसएफ और समान दलों के साथ कांग्रेस का गठबंधन पार्टी की मूल विचारधारा के खिलाफ है। गांधी और नेहरू द्वारा धर्मनिरपेक्षता की वकालत की गई है जो कांग्रेस की आत्मा है। इन मुद्दों पर कांग्रेस कार्य समिति द्वारा चर्चा की जानी चाहिए।’

शर्मा ने कहा कि सांप्रदायिकता के खिलाफ कांग्रेस की लड़ाई सिलेक्टिव नहीं हो सकती है। इस पर गांधी परिवार के करीबी अधीर रंजन चौधरी ने आनंद शर्मा पर पलटवार भी किया था।

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