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भागवत जी, ये विचार अपने प्रचारकों और मोदी-शाह को भी देंगे?- RSS चीफ से कांग्रेसी दिग्विजय सिंह का सवाल

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि यदि यह विचार मोहन भागवत जी आप अपने शिष्यों को पालन करने के लिए बाध्य कर देंगे तो मैं आपका प्रशंसक हो जाऊंगा। लेकिन यह आसान नहीं है।

दिग्विजय सिंह ने मोहन भागवत से कहा कि संघ द्वारा बौद्धिक प्रशिक्षणों में मुसलमानों के खिलाफ जो नफरत का बीज बोया गया है वह निकालना आसान नहीं है। (एक्सप्रेस फोटो)

रविवार को गाजियाबाद में राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के द्वारा आयोजित कार्यक्रम में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि सभी भारतीयों का डीएनए एक है और हिंदू मुस्लिम एकता की बातें भ्रामक हैं क्योंकि यह दोनों अलग नहीं बल्कि एक हैं। इसके अलावा मॉब लिंचिंग पर भी मोहन भागवत ने सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे लोग हिंदुत्व के खिलाफ है। अब इन बयानों को लेकर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने आरएसएस प्रमुख को निशाने पर लेते हुए पूछा है कि भागवत जी, ये विचार अपने प्रचारकों और मोदी-शाह को भी देंगे?

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयानों को लेकर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कई सारे ट्वीट कर उनसे सवाल पूछे और निशाने पर भी लिया। दिग्विजय सिंह ने ट्वीट करते हुए लिखा कि मोहन भागवत जी यह विचार क्या आप अपने शिष्यों, प्रचारकों, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल कार्यकर्ताओं को भी देंगे? क्या यह शिक्षा आप मोदी, शाह जी व भाजपा मुख्यमंत्री को भी देंगे? 

कांग्रेस नेता ने ट्वीट कर यह भी लिखा कि यदि यह विचार मोहन भागवत जी आप अपने शिष्यों को पालन करने के लिए बाध्य कर देंगे तो मैं आपका प्रशंसक हो जाऊंगा। लेकिन यह आसान नहीं है। आप लोगों ने हिंदू मुसलमान के बीच में इतनी नफ़रत भर दी है उसे दूर करना आसान नहीं है। सरस्वती शिशु मंदिर से लेकर संघ द्वारा बौद्धिक प्रशिक्षणों में मुसलमानों के खिलाफ जो नफरत का बीज बोया गया है वह निकालना आसान नहीं है।

इसके अलावा दिग्विजय सिंह ने मोहन भागवत से मुसलमानों को प्रताड़ित करने के लिए नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ को उनके पद से हटाने की अपील भी की। दिग्विजय सिंह ने लिखा कि यदि आप अपने व्यक्त किए गए विचारों के प्रति ईमानदार हैं तो भाजपा में वे सब नेता जिन्होंने निर्दोष मुसलमानों को प्रताड़ित किया है उन्हें उनके पदों से तत्काल हटाने का निर्देश दें। शुरुआत नरेंद्र मोदी व योगी आदित्यनाथ से करें। मुझे मालूम है कि आप नहीं करेंगे क्योंकि आपके कथनी और करनी में अंतर है। आपने सही कहा है। लेकिन हुज़ूर अपने शिष्यों को तो पहले समझाएं। वे मुझे कई बार पाकिस्तान जाने की सलाह दे चुके हैं।

बता दें कि रविवार को ख्वाजा इफ्तिखार अहमद की किताब ‘द मीटिंग ऑफ माइंड्स’ के विमोचन के मौके पर मोहन भागवत ने लिंचिंग और इस्लाम सहित कई मुद्दों पर अपनी बातें रखी। मोहन भागवत ने मॉब लिंचिंग में शामिल लोगों को लेकर कहा कि ऐसे लोग हिंदुत्व के खिलाफ है। गाय एक पवित्र जानवर है लेकिन जो लोग दूसरों को मार रहे हैं वे हिंदुत्व के खिलाफ हैं। कानून को बिना किसी पक्षपात के अपना काम करना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि लोग इस भय में ना फंसे कि भारत में इस्लाम खतरे में है। देश में एकता के बिना विकास संभव नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि कोई कहता है कि मुसलमानों को भारत में नहीं रहना चाहिए तो वह हिंदू नहीं है। हम एक लोकतंत्र में हैं। यहां हिंदुओं या मुसलमानों का प्रभुत्व नहीं हो सकता। यहां केवल भारतीयों का वर्चस्व हो सकता है। 

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