'निकम्मी है केंद्र सरकार- गुमराहबाज, प्रचारशास्त्री हैं मोदी, अर्थव्यवस्था पर जारी हो श्वेत पत्र' - Congress leader Anand Sharma attacks on Union Government, says- PM Modi knows only do advertisement, seeking white paper on GDP Growth  - Jansatta
ताज़ा खबर
 

‘निकम्मी है केंद्र सरकार- गुमराहबाज, प्रचारशास्त्री हैं मोदी, अर्थव्यवस्था पर जारी हो श्वेत पत्र’

आनंद शर्मा ने कहा, "जो संख्याएं सामने आई हैं, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली को इस पर पहले से ही आगाह किया था कि जीडीपी तेजी से गिरने जा रही है।"

Author September 1, 2017 9:43 PM
कांग्रेस पार्टी प्रवक्ता आनंद शर्मा। (PTI File Photo)

सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 5.7 फीसदी तक गिर जाने के बाद कांग्रेस ने शुक्रवार को अर्थव्यवस्था पर श्वेत पत्र की मांग की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘प्रचारशास्त्री’ करार दिया। कांग्रेस प्रवक्ता आनंद शर्मा ने कहा कि अगर पुरानी पद्धति से आंका जाए तो वास्तविक जीडीपी वृद्धि 4.3 से 4.4 फीसदी ही होगी। सरकार को निक्क्मा करार देते हुए कांग्रेस ने दस साल के जीडीपी आंकड़े की मांग की।

आनंद शर्मा ने कहा, “जो संख्याएं सामने आई हैं, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली को इस पर पहले से ही आगाह किया था कि जीडीपी तेजी से गिरने जा रही है।” उन्होंने कहा, “तब, दोनों ने उन पर कड़ी नाराजगी जताई थी। मोदी ने शिष्टाचार व सभ्यता नहीं दिखाई और प्रसिद्ध अर्थशास्त्री व पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के उम्र व अनुभव का सम्मान नहीं किया। मनमोहन सिंह सही साबित हुए। जीडीपी बीते छह तिमाही से गिर रही है।”

उन्होंने कहा कि दूसरी तरफ प्रधानमंत्री सोचते हैं कि उन्हें अर्थव्यवस्था का बेहतरीन ज्ञान व समझ है। वह प्रचार करते रहे कि भारत तेजी से बढ़ रहा है। शर्मा ने कहा, “क्या यही है वह जिसे आप विकास कहते हैं।” मोदी पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए शर्मा ने कहा कि मोदी के पास कोई दृष्टिकोण या रोडमैप अर्थव्यवस्था के सुधार के लिए नहीं है।

उन्होंने कहा, “जीडीपी लगातार गिर रही है। अभी हमने 5.7 फीसदी की गिरावट देखी है। यदि हम पुरानी कार्यप्रणाली से देखें तो यह 4.3 से 4.4 फीसदी के बीच होगी। जीडीपी में गिरावट भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा नुकसान होगी।” उन्होंने कहा, “इसलिए हमारी मांग है कि सरकार दस सालों के जीडीपी नंबर जारी करे.. हम भारतीय अर्थव्यवस्था पर एक श्वेत पत्र की भी मांग करते हैं।”

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App