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आम आदमी की बजाए सत्ता के भूखे नेता में बदल गए हैं केजरीवाल, अलका लांबा बोलीं- मुफ्त सुविधाएं देकर बनना चाहते हैं सीएम

"अरविंद केजरीवाल कहते हैं कि मुफ्त में सुविधाएं देना उनकी सबसे बड़ी खासियत है। जबकि लोगों का कहना है कि उन्हें कोई चीज मुफ्त में नहीं चाहिए। वे घर चाहते हैं, नौकरी चाहते हैं और महंगाई से राहत चाहते हैं।"

कांग्रेस नेता अलका लांबा (फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस)

कांग्रेस नेता अलका लांबा ने गुरुवार को दिल्ली के सीएम और आम आदमी पार्टी (AAP) प्रमुख अरविंद केजरीवाल पर आम आदमी की बजाए सत्ता के भूखे नेता में बदल जाने का आरोप लगाया है। कहा कि वह लोगों को मुफ्त सुविधाएं देकर सत्ता पाना चाहते हैं, जबकि आम लोग मुफ्त सुविधाओं की बजाए घर, नौकरी और महंगाई से राहत चाहते हैं। कहा कि अगर लोगों को ये तीन चीजें मिल जाएं तो वे बिजली-पानी का बिल खुद देना पसंद करेंगे। कहा कि “अरविंद केजरीवाल कहते हैं कि मुफ्त में सुविधाएं देना उनकी सबसे बड़ी खासियत है। जबकि लोगों का कहना है कि उन्हें कोई चीज मुफ्त में नहीं चाहिए। वे घर चाहते हैं, नौकरी चाहते हैं और महंगाई से राहत चाहते हैं।”

पिछले चुनाव में आप नेता ने की थी बिजली-पानी मुफ्त देने की घोषणा: दरअसल पिछले विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने लोगों से वादे किए थे कि अगर वह सत्ता में आई तो 2000 लीटर तक पानी लोगों को मुफ्त में देगी। इसके अलावा 200 यूनिट बिजली भी मुफ्त में देने की बात कही। इसको पूरा करते हुए हाल ही में सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में महिलाओं को सार्वजनिक परिवहन में मुफ्त यात्रा की घोषणा की। पार्टी का मानना है कि इस तरह के मुफ्त सुविधाओं की वजह से लाखों लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में मदद मिली है।

Hindi News Live Hindi Samachar 17 January 2020: पढ़ें आज की बड़ी खबरें

बोलीं कांग्रेस की विचारधारा नहीं छोड़ी थी: अलका लांबा कांग्रेस से ही आम आदमी पार्टी में गई थीं और 2015 के चुनाव में पार्टी से विधायक चुनी गई थीं, लेकिन पिछले साल अक्टूबर में वह पार्टी से इस्तीफा देकर फिर से कांग्रेस में शामिल हो गई थीं। उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस से अलग जरूर हुई थीं, लेकिन कांग्रेस की विचारधारा से दूर नहीं गई थीं। केजरीवाल पर तीखा हमला करते हुए अलका लांबा ने कहा कि पिछले छह सालों में आम आदमी पार्टी के संरक्षक और मुख्यमंत्री के रूप में वह लगातार विरोध करने वाले की बजाए सत्ता के भूखे नेता के रूप में बदल गए हैं।

आरोप लगाया कि अपने वादे भूल गए केजरीवाल: “इन 6 वर्षों में केजरीवाल भ्रष्टाचार और स्वराज वाले जन लोकपाल के अपने तीन मुख्य वादों को भूल गए हैं। जो आदमी विरोध प्रदर्शनों में सबसे आगे रहा करता था, वह अब नए संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान कहीं नहीं दिखता है। जामिया की छात्राएं और शाहीन बाग की महिलाएं उस पुराने केजरीवाल की तलाश कर रही हैं।”

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