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‘राहुल गांधी अध्यक्ष नहीं बनना चाहते तो दूसरे को बनाइए’, कांग्रेस के संकटमोचक रहे अभिषेक मनु सिंघवी की दो टूक

कांग्रेस में जारी सियासी उठापटक के बीच सोनिया गांधी को पार्टी का अंतरिम अध्यक्ष बने एक साल होने वाला है, ऐसे में पार्टी में राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाने की मांग जोर पकड़ रही है।

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र नई दिल्ली | Updated: August 9, 2020 2:00 PM
Congress President, Rahul Gandhi, Priyanka Gandhi Vadraकांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी (सबसे दाएं) ने कहा कि गांधी परिवार में पार्टी को साथ लेकर चलने की हैसियत है। (फाइल फोटो)

कांग्रेस में लंबे समय से सियासी उठापटक का दौर जारी है। इसी साल मध्य प्रदेश में सत्ता गंवाने के बाद पार्टी राजस्थान में भी अंदरूनी विरोधों के दौर से गुजर रही है। इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को अंतरिम अध्यक्ष बने एक साल पूरा होने वाला है। माना जा रहा है कि पार्टी जल्द ही अपना स्थायी अध्यक्ष भी चुन सकती है। कांग्रेस में अध्यक्ष की होड़ में माने जा रहे नेताओं में सबसे आगे राहुल गांधी का नाम ही सामने आ रहा है। हालांकि, राहुल ने इस अध्यक्ष पद से पिछले साल लोकसभा चुनाव के दौरान इस्तीफा दे दिया था और अब तक उनकी तरफ से इस पद पर लौटने के कोई संकेत नहीं मिले हैं। इस पर कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी का कहना है कि अगर राहुल गांधी कांग्रेस की कमान नहीं संभालना चाहते, तो किसी दूसरे व्यक्ति को अध्यक्ष बनाना चाहिए।

कांग्रेस की अभी बुरी हालतः सिंघवी
सिंघवी ने कहा, “यही पार्टी है जिसने हाल ही में 10 साल शासन किया है, यही पार्टी है, जिसमें मनमोहन सिंह, राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने 60 फीसदी राज्यों के चुनाव जीते हैं। मैं साफ कहना चाहता हूं कि जहां तक हमारी विजय का सवाल है, हमारी अभी बहुत बुरी हालत है।”

सिंघवी ने आगे राहुल का पक्ष लेते हुए कहा, “जो व्यक्ति अध्यक्ष था, 2019 में हार गया, उसे हम दोबारा अध्यक्ष नहीं बना सकते, यह गलत है। मैं बहुत स्पष्ट कहता हूं कि अगर वे निर्णय नहीं लेते तो यह गलत होगा कि उसका कोई विकल्प नहीं निकाला जाए। अगर निर्णय नहीं ले रहे, तो अध्यक्ष पद के लिए कोई न कोई विकल्प निकालना भी आवश्यक है। उस ऊहापोह में पार्टी को नुकसान होता है, ये सब जानते हैं।”

सिंघवी ने उम्मीद जताते हुए कहा कि इस समस्या का कुछ हफ्तों में हल जरूर निकलेगा। यह बात साफ है कि न प्रकृति में और न ही राजनीति में कोई वैक्यूम रह सकता है। अगर कोई एक या तीन-चार व्यक्ति नहीं आगे आते हैं, तो निश्चित रूप से कोई पांचवां व्यक्ति आएगा, पांचवां नहीं तो छठा आएगा और वो चुनाव के जरिए आएगा।

गांधी परिवार में पार्टी को साथ लेकर चलने की ताकत
हालांकि, सिंघवी ने आगे कहा कि गांधी परिवार के कई सारे त्याग और विरासत हैं और लोगों को साथ लेकर चलने की हैसियत है, उससे यह मांग लाजिमी है कि राहुल जी आप ऐसा न करें। फिर भी अगर राहुलजी अडिग, नहीं मानने वाले हैं, तो गणतांत्रिक और लोकतांत्रिक रूप से इसका हल निकलना चाहिए।

गौरतलब है कि एक दिन पहले ही इंडिया टुडे के मूड ऑफ द नेशन पोल में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष के तौर पर सोनिया गांधी के प्रदर्शन पर सवाल पूछा गया था। इसमें 55 फीसदी लोगों ने कहा था कि सोनिया गांधी पार्टी को सही से आगे ले जाने में सफल नहीं हुई हैं। वहीं 35 फीसदी ने उनके प्रदर्शन को औसत करार दिया था, जबकि 20 फीसदी ने उनके प्रदर्शन को खराब बताया था।

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