राम मंदिर विवाद मामले को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने एक प्रेस कान्फ्रेंस कर राम मंदिर के शुरुआती कार्यक्रम के मुहूर्त को लेकर हमला बोला है। कांग्रेस की ओर से सांसद शक्तिसिंह गोहिल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि हिंदू धर्म में कहते हैं कि शंकराचार्य का आदेश आखिरी आदेश होता है,लेकिन भाजपा ने वोट के लिए उनकी बात नहीं मानी।

आगे उन्होंने कहा, “अयोध्या के राम मंदिर में 40 दिन की CCTV फुटेज मिली है, जिसमें 70 बार चोरी की वारदात नजर आई है। 2023 से 2025 तक के ऑडिट रिपोर्ट में भी लिखा है कि राम मंदिर में चढ़ावा चोरी किया जा रहा है। इतना ही नहीं CCTV का कवरेज भी सही जगह पर नहीं है लेकिन इन बातों की जांच नहीं की गई। सच्चाई यह है कि जब ट्रस्ट ने 2.9 करोड़ रुपए की जमीन को 18 करोड़ रुपए में खरीदा था, इसे तभी बर्खास्त कर देना चाहिए था।”

इन्हें मुहूर्त से क्या लेना-देना था- कांग्रेस

सांसद ने कहा, “शंकराचार्य ने कहा कि अभी मुहूर्त ठीक नहीं है, लेकिन चुनाव आ रहा था इसलिए इन्हें मुहूर्त से क्या लेना-देना था। इनको (भाजपा को) न हिंदू से लेना-देना है, न राम से लेना देना है और न शंकराचार्य से लेना-देना है। शंकराचार्य ने इनसे कहा कि मुहूर्त ठीक नहीं है, मत कीजिए। इन्होंने बात ठुकरा दी और उस वक्त राम मंदिर का कार्यक्रम किया जब इन्हें चुनावी फायदा लेना था।”

शक्तिसिंह गोहिल ने कहा, “मैं भगवान राम, अपने कुलदेवी और अपने इष्टदेव की पूजा करता हूं लेकिन मैं नोट या वोट के लिए इनका इस्तेमाल नहीं करता और ये भाजपा वाले खासकर आज के दौर में जो हैं, वे सिर्फ और सिर्फ भगवान के नाम पर अपनी रोटी सेंकते हैं। शंकराचार्य ने मना किया और वे वहां नहीं गए। पर इनको सिर्फ राजनीति करनी थी।”

भगवान राम की मूर्ति काली क्यों?

उन्होंने कहा, “कुछ लोग उस समय भी कहते थे कि काले रंग के तो कन्हैया जी होते हैं, भगवान राम की त्वचा गोरी होती थी, काले नहीं थे। उस वक्त लोग पूछते थे कि मूर्ति काले रंग की क्यों बनाई? हर जगह राम मंदिर में राम दरबार होता है यानी भगवान राम, सीता मां और पूरा राम दरबार, वो रहते हैं। शायद मोदी जी ने छोड़ा है तो इसका मतलब ये नहीं कि वहां राम दरबार न हो। ये (राम मंदिर) पहली जगह बनी जहां सीता मां को जगह नहीं दी गई।”

सांसद ने कहा,”इस मंदिर के लिए करोड़ों लोगों ने चंदा भी दिया। गरीब जनता ने भी अपना पेट काटकर चंदा दिया, उसने भगवान राम के प्रति अपनी श्रद्धा को लेकर चंदा दिया। वह मंदिर किसी के बाप का नहीं हो सकता है। इसलिए इस मंदिर की चोरी कतई माफ नहीं की जा सकती। उस समय निर्मोही अखाड़ा ने कहा था कि हजारों करोड़ों रुपये का चंदा राम मंदिर के लिए आया है और भाजपा समर्थित लोगों ने करोड़ों रुपये इसमें से हथिया लिए हैं।”

हर दिन 10 लाख रुपये के हेरफेर होते थे- कांग्रेस

आगे कहा, “जब तक राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की बात सामने नहीं आई थी, तब तक हर रोज 16-18 लाख रुपए दान के रूप में जमा होते थे। लेकिन जैसे ही मंदिर में चोरी का खुलासा हुआ, उस दिन से रोजाना 24-26 लाख रुपए जमा होने लगे। यानी- हर दिन करीब 10 लाख रुपए का हेरफेर किया जाता था। राम मंदिर के मुख्य पुजारी महंत लाल दास ने रथ यात्रा के दौरान कहा था कि इसे धार्मिक स्थान ही रहने दो, राजनीति का अखाड़ा मत बनाइए। इसके बाद, पहले उन्हें पद से हटाया गया और फिर बाद में उनकी हत्या कर दी गई।

ट्रस्ट बर्खास्त करने की मांग

आगे उन्होंने मांग करते हुए कहा,”इस चढ़ावा चोरी के तह तक जाने के लिए पूरे श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को बर्खास्त करो। इसके बाद सभी शंकराचार्य जी, सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज, निर्मोही अखाड़ा के प्रतिनिधि और साधु-संत मिलकर एक नए ट्रस्ट का निर्माण करें ताकि इसमें कोई चंपट न रहे कोई लंपट न करे। चंपत राय को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।”

पीएम मोदी माफी मांगे

आगे कहा, “इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराई जाए। मोदी जी जिम्मेदारी लेते हुए देश की जनता से माफी मांगे कि उनकी गलती थी कि साधु-संतों के बजाय चंपत राय और अपने लोगों को इसमें लगाया। आगे मांग की कि पीएम मोदी बताएं कि चंपत राय ने उन्हें विष्णु भगवान का अवतार बताकर देश के लोगों की भावना का अपमान किया है और वे आम इंसान हैं,वे विष्ण भगवान के अवतार नहीं है। मुझे (पीएम मोदी) यह कहा गया और आजतक चुप रहने के लिए मैं देश की जनता से माफी मांगता हूं।”

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राम मंदिर दान विवाद के बीच, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने मंगलवार को द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि काम का विकेंद्रीकरण किया जाना चाहिए था और पहले ही सभी संभावित समस्याओं का समाधान कर लिया जाना चाहिए था। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रस्ट से जुड़े नौकरशाहों और एसबीआई अधिकारियों से भी यह अपेक्षा की जाती थी कि वे निगरानी रखें और स्थिति बिगड़ने से पहले ही कमियों को उजागर करें। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें