कांग्रेस ने कहा है कि एपस्टीन फाइल्स में हुए “खुलासों” के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मामले में स्पष्टीकरण देना चाहिए। कांग्रेस के संगठन महासचिव के. सी. वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किया, “एपस्टीन फाइल के नए बैच की रिपोर्ट इस बात की बड़ी चेतावनी है कि किस तरह के लोगों की प्रधानमंत्री मोदी तक पहुंच है और वह विदेशी दबाव/हेरफेर के प्रति कितने संवेदनशील हैं।”
के. सी. वेणुगोपाल ने कहा, “कांग्रेस मांग करती है कि प्रधानमंत्री स्वयं इन खुलासों पर सामने आकर सच बताएं, क्योंकि ये गंभीर सवाल खड़े करते हैं।”
कांग्रेस नेता ने सवाल किया, “क्या उन्होंने जेफरी एपस्टीन से मुलाकात की? या उन्होंने किसी को उससे मिलने भेजा? एपस्टीन के साथ उनकी बातचीत में क्या-क्या शामिल था?”
लोगों को मिलने चाहिए जवाब
वेणुगोपाल ने दावा किया कि उतनी ही चिंताजनक एक रिपोर्ट यह भी है कि जब भारत की विदेश नीति में बड़ा बदलाव हो रहा था, तब प्रधानमंत्री मोदी विदेशी शक्तियों को फायदा पहुंचाने के लिए एपस्टीन जैसे दागी लोगों के इशारों पर नाच रहे थे।’ कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत की जनता को इन सवालों के जवाब मिलने चाहिए।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री को स्वयं स्पष्टीकरण देना चाहिए। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी सवाल किया कि क्या 2019 के लोकसभा चुनाव के आसपास प्रधानमंत्री मोदी एपस्टीन के संपर्क में थे?
बीजेपी ने शनिवार को कांग्रेस पर प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ भ्रामक सूचना फैलाने का आरोप लगाया था और कहा था कि कांग्रेस ने जेफरी एपस्टीन से जुड़ी जांच फाइलों के एक सामान्य ई-मेल संदेश को तोड़-मरोड़कर राजनीतिक रूप से बदनाम करने की कोशिश की है।
विदेश मंत्रालय ने किया था खारिज
विदेश मंत्रालय ने जेफरी एपस्टीन से संबंधित जांच फाइलों में प्रधानमंत्री मोदी के संदर्भ को शनिवार को सिरे से खारिज करते हुए इसे एक दोषी अपराधी की बकवास करार दिया था।
