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कांग्रेस के भारत बंद को समर्थन दिया था, अब ममता ने जारी किया विरोधाभासी आदेश

पश्चिम बंगाल सरकार ने 10 सितंबर को राज्य सरकार के सभी कर्मचारियों को दफ्तर आना अनिवार्य कर दिया है। राज्य के वित्त मंत्रालय ने एक नोटिफिकेशन जारी कर इसकी जानकारी दी है।

Author September 9, 2018 12:51 PM
ममता बनर्जी। (file pic)

कांग्रेस ने पेट्रोल डीजल के बढ़ते दामों के विरोध में 10 सितंबर को भारत बंद का ऐलान किया है। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की सरकार ने कांग्रेस के इस ‘भारत बंद’ का समर्थन किया था। लेकिन अब टीएमसी ने भारत बंद के आइडिया का विरोधाभासी बयान दिया है। टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव पार्था चटर्जी ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि “पेट्रोल डीजल के दाम अब तक के सबसे उच्च स्तर पर हैं। डॉलर के मुकाबले रुपए की कीमत काफी गिर गई है। मौजूदा सरकार देश की अर्थव्यवस्था को बर्बाद करने के रास्ते पर है। भाजपा नीत केन्द्र सरकार ने कई जन विरोधी पॉलिसी बनायी हैं। हम भी सरकार की इन पॉलिसी का विरोध कर रहे हैं, लेकिन हम बंद के खिलाफ हैं क्योंकि इससे सिर्फ ऊर्जा की बर्बादी होगी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बंगाल को फिर से विकास के रास्ते पर ले जाने का प्रयास कर रही हैं और भारत बंद से इस राह में बाधा उत्पन्न होगी।”

इतना ही नहीं पश्चिम बंगाल सरकार ने 10 सितंबर को राज्य सरकार के सभी कर्मचारियों को दफ्तर आना अनिवार्य कर दिया है। राज्य के वित्त मंत्रालय ने एक नोटिफिकेशन जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि यदि कोई कर्मचारी 10 सितंबर को अनुपस्थित रहता है तो उसकी सैलरी काटी जाएगी। इसके साथ ही कर्मचारी को कारण बताओं नोटिस जारी कर उससे अनुपस्थित रहने का कारण भी पूछा जा सकता है। इसके साथ ही राज्य सरकार इस नोटिस में यह भी पूछ सकती है कि कर्मचारी के अनुपस्थित रहने पर उसके खिलाफ कारवाई क्यों ना की जाए? यदि कोई कर्मचारी बीमार हो जाता है, या किसी कर्मचारी के परिवार में किसी की मौत हो जाती है या कोई महिला कर्मचारी मेटरनिटी लीव पर है तो ऐसे कर्मचारियों को नोटिफिकेशन में ढील दी गई है।

भारत बंद के चलते कर्मचारी ट्रांसपोर्ट की कमी का बहाना भी नहीं बना सकेंगे। 17 सितंबर को सरकार विभिन्न विभागों से कर्मचारियों का ब्यौरा लेगी और यह देखेगी कि कौन कर्मचारी 10 सितंबर को अनुपस्थित रहा और उसका कारण क्या रहा। इसके बाद अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस भेजा जाएगा और कर्मचारियों को नोटिस मिलने के 2 दिन के अंदर अपना जवाब देना होगा।

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