Punjab Elections: पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस पार्टी एक्टिव हो गई है। कांग्रेस आलाकमान ने पंजाब के कई कांग्रेस नेताओं से पिछले दिनों कई बैठकें की थीं और अब विधानसभा चुनाव से संबंधित पार्टी की कई कमेटियां बना दी हैं। इसमें पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी से लेकर दिग्गज नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा को अहम पद दिए है। इसके अलावा यह स्पष्ट कर दिया है कि पंजाब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग के नेतृत्व में ही लड़ेगी।
कांग्रेस ने आधिकारिक तौर पर अपनी चुनाव संबंधी समितियों के अध्यक्षों और प्रमुख पदाधिकारियों की नियुक्ति की घोषणा कर दी है। इसके तहत प्रचार समिति की कमान पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी को दी गई है। इसके अलावा चुनाव प्रबंधन एवं समन्वय समिति की अध्यक्षता विजय इंदर सिंगला करेंगे। वहीं कोर समिति की अध्यक्षता सुखजिंदर सिंह रंधावा करेंगे।
राजा वारिंग बने रहेंगे अध्यक्ष
कांग्रेस ने ऐलान किया है कि पंजाब चुनाव के लिए पार्टी जो घोषणापत्र जारी करेंगे, उस घोषणापत्र की कमेटी अध्यक्षता कांग्रेस नेता अमर सिंह करेंगे। इतना ही नहीं, अमरिंदर सिंह राजा वारिंग पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बने रहेंगे। इसके अलावा विधानसभा में विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा ही बने रहेंगे।
प्रदेश संगठन में कोई बदलाव नहीं
गौरतलब है कि पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने संगठन में किसी भी तरह का कोई बदलाव नहीं किया है। इसके अलावा आक्रामकता के साथ चुनावी तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। पिछले कुछ हफ्तों में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से लेकर लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी के साथ पंजाब कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं की कई बैठकें हुई थीं।
आलाकमान की प्रदेश के नेताओं के साथ जारी बैठकों के चलते ये अनुमान लगाया गया था, कि पार्टी चुनाव से पहले संगठन में कोई बड़ा बदलाव कर सकती है लेकिन बुधवार को जब चुनाव संबंधित समितियों की सूचियां सामने आई हैं, तो यह स्पष्ट हो गया है, कि आलाकमान अब प्रदेश संगठन में कोई बदलाव नहीं करने वाला है।
पंजाब कांग्रेस कर रही है अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद
बता दें कि पंजाब के विधानसभा चुनाव अगले साल फरवरी और मार्च में हो सकते हैं। उससे पहले राज्य में सियासी पारा चढ़ने लगा है। सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी अपने चुनावी वादों को पूरा करने का दावा करते हुए, चुनावी समर में उतरने की तैयारी कर रही है। दूसरी ओर कांग्रेस आम आदमी पार्टी की भगवंत मान सरकार की नीतियों की तीखी आलोचना कर रही है। आम आदमी पार्टी के खिलाफ कांग्रेस काफी ज्यादा आक्रामकता भी दिखा रही है, और पंजाब चुनाव के जरिए सत्ता में वापसी की उम्मीद कर रही है।
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संविधान के 13वें संशोधन विधेयक का प्रस्ताव संसद की संयुक्त समिति यानी जेपीसी के पास है। इसमें मंत्रियों को हिरासत में लिए जाने पर, 30 दिन बाद उन्हें पद से हटाने का प्रावधान भी है। 17 जुलाई को जेपीसी की कमेटी इस प्रस्ताव पर रिपोर्ट पारित कर सकती है। सूत्र बताते हैं कि जेपीसी की रिपोर्ट में, सबसे विवादित प्रावधान को बरकरार रखे जाने की संभावना है। पढ़िए पूरी खबर…
