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अंग्रेजों के सहयोगी थे जनसंघ, आरएसएस: कांग्रेस

आनंद शर्मा ने जनसंघ (जो अब भाजपा है) के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी, संघ परिवार और वीर सावरकर पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, ‘वे अंग्रेजों के सहयोगी थे।’

Author नई दिल्ली | August 19, 2016 22:07 pm
कांग्रेस पार्टी प्रवक्ता आनंद शर्मा। (PTI File Photo)

भाजपा के सामने आने वाली प्रतिकूल परिस्थितियों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान से गुस्साई कांग्रेस ने आज (शुक्रवार, 19 अगस्त) पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि जनसंघ और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ स्वतंत्रता संघर्ष के दौरान अंग्रेजों के सहयोगी थे। एक दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि ब्रिटिश शासन के तहत कांग्रेस ने जो दुश्वारियां झेली थीं, भाजपा को उससे कहीं अधिक परेशानियों का सामना आजाद भारत में करना पड़ा। प्रधानमंत्री पर स्वतंत्रता संघर्ष को महत्वहीन बनाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने कहा कि मोदी को न केवल अपना यह शर्मनाक बयान वापस लेना चाहिए बल्कि माफी भी मांगनी चाहिए। कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता आनंद शर्मा ने जनसंघ (जो अब भाजपा है) के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी, संघ परिवार और वीर सावरकर पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, ‘वे अंग्रेजों के सहयोगी थे।’ उन्होंने दावा किया कि मुखर्जी ने बंगाल के तत्कालीन गवर्नर को इस बारे में पत्र लिखा था कि भारत छोड़ो आंदोलन का मुकाबला कैसे किया जाए।

शर्मा ने कहा, ‘प्रधानमंत्री के लिए शोभा नहीं देता कि वह ऐसा बयान देकर अपने पद की गरिमा गिराएं जो तथ्यात्मक रूप से गलत है और महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, वल्लभ भाई पटेल तथा उन हजारों अन्य स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान करने वाला हो जिन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में बलिदान दिए।’ उन्होंने प्रधानमंत्री के बयान पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत 13 साल तक केंद्र की सत्ता में रही या वहां रही सरकारों में शामिल रही है अथवा बाहर से समर्थन देती रही है और ब्रिटिश शासन के समय नेहरू ने जेल में समय बिताया था। शर्मा ने कहा, ‘1942 की ब्रिटिश गृह विभाग की फाइल में आरएसएस के सभी सर्कुलर हैं। बंबई के गृह सचिव ने कहा था कि संघ चतुराई से कानून के दायरे में रहा और 1942 के उतार-चढ़ाव से बचता रहा।’ उन्होंने कहा कि संघ ने भारत छोड़ो आंदोलन में शामिल नहीं होने का फैसला किया और आदेश जारी किया कि संघ का कोई सदस्य इसमें भाग नहीं लेगा।

शर्मा के अनुसार मुखर्जी द्वारा बंगाल के ब्रिटिश गवर्नर को लिखे पत्र में यह उल्लेख है। उन्होंने कहा कि भाजपा और प्रधानमंत्री ने सरदार पटेल को अपना बनाने की कोशिश की। कांग्रेस प्रवक्ता ने साथ ही यह भी कहा कि संघ को लेकर पटेल की राय का पता भारत सरकार की एक सरकारी विज्ञप्ति से चलता है जिसने संघ और हिंदू महासभा पर प्रतिबंध लगाया था। शर्मा ने कहा, ‘मोदीजी को याद रखना चाहिए कि भारत की आजादी के बाद उनके साथी और उनकी पार्टी भारत की आजादी, भारत के संविधान, भारत के लोकतंत्र के प्रत्यक्ष लाभार्थी हैं जिसने उन्हें, उनके साथियों, उनकी पार्टी को सशक्त किया।’

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