कांग्रेस अकेले संघ-भाजपा को तबाह कर सकती है: राहुल - Jansatta
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कांग्रेस अकेले संघ-भाजपा को तबाह कर सकती है: राहुल

राहुल गांधी ने शीघ्र आरएसएस के खिलाफ एक आक्रामक अभियान का संकेत दिया और कहा कि कांग्रेस अकेले ही भाजपा और उसके वैचारिक मार्गदर्शक को तबाह..

Author नई दिल्ली | November 8, 2015 12:38 AM

आक्रामक राहुल गांधी ने शीघ्र आरएसएस के खिलाफ एक आक्रामक अभियान का शनिवार को संकेत दिया और कहा कि नए जोश वाली कांग्रेस अकेले ही भाजपा और उसके वैचारिक मार्गदर्शक को तबाह कर सकती है। उन्होंने कहा, ‘‘धर्मनिरपेक्षता कांग्रेस के रक्त में है और इसे हटाया नहीं जा सकता, यह हमारे संगठन का डीएनए है और हमें नयी जान फूंकनी है और आप देखेंगे कि कांग्रेस, हराएगी, और न सिर्फ हराएगी बल्कि आरएसएस और भाजपा को तबाह करेगी।’’

जवाहर लाल नेहरू की 125 वीं जयंती से पहले दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का समापन करते हुए उन्होंने कहा कि आगे की चुनौतियां अजेय नहीं हैं और उन्होंने कहा कि यह मूल्यांकन सही नहीं होगा कि कांग्रेस आरएसएस से नहीं लड़ रही है।

कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी इससे लड़ रही सबसे बड़ी ताकत है। देश में बढ़ रही असहिष्णुता पर चिंता जताते हुए कहा, ‘‘इतिहास में पहली बार एक फासीवादी संगठन जो हमारे संविधान के विचारों और मूल्यों के खिलाफ है, ने केंद्र में निर्णायक शक्ति हासिल की है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘पिछले 18 महीनों में उन्होंने दिखाया है कि वे गणतंत्र की शक्ति से ही इसे नष्ट करने के लिए तैयार हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अभूतपूर्व चुनौती है और इस संकट का सामना सभी भारतीय कर रहे हैं।’’

राहुल ने कहा कि आरएसएस का घोषित उद्देश्य ‘‘धर्मतांत्रिक, निरंकुश’’ राज्य स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए उसे मौजूदा उदार, प्रगतिशील, धर्मनिरपेक्ष, सामाजिक एवं लोकतांत्रिक गणराज्य को मिटाना है।

राहुल ने यह भी कहा कि सम्मेलन में हिस्सा लेने वाले विद्वानों, बुद्धिजीवियों और इतिहासकारों में गलत धारणा है कि आरएसएस ने कांग्रेस को हराया है। उन्होंने कहा, ‘‘हम कहीं इसे आरएसएस की जीत के तौर पर देख रहे हैं। हम इसे देख रहे हैं कि आरएसएस ने हमें हराया है। यह गलत है। आरएसएस नहीं जानती है कि आने वाले हफ्तों, महीनों और वर्षों में वह किस चीज का सामना करने जा रही है।’’

प्रगतिशील बुद्धिजीवियों और विद्वानों तक पहुंचने की कोशिश करते हुए उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस और उनके लिए फिर से संबंध स्थापित करने और उन विचारों पर चर्चा करने की जरूरत है जो आरएसएस को हराने में पार्टी की मदद करने जा रहे हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘वास्तव में आप में और हममें कोई भेद नहीं है, हमारे बीच यहां झूठा अवरोध है, यहां हमारे कई मित्रों ने कहा कि क्यों कांग्रेस ने ऐसा नहीं किया और क्यों कांग्रेस ने वैसा नहीं किया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन आपको भी कांग्रेस की ओर देखना है और समझना है कि वह सत्ता के समीकरण से निपटती है। कांग्रेस सत्ता के समीकरण से निपटने को मजबूर है और यह कई चीजों को बदल देता है, मैं सत्ता के विचार को लेकर आंखें नहीं मूंद सकता। यह रहता है। और मुझे सत्ता के विचार के लिए अपना जहन खुला रखना होगा।’’

उन्होंने उन शिकायतों का जवाब देने की कोशिश की कि पार्टी ने कुछ स्थितियों में अग्रसक्रिय होकर कार्रवाई नहीं की।

राहुल ने इस बात पर भी आपत्ति जताई कि भाजपा शासित कुछ राज्य बिना डिग्रियों वाले लोगों के पंचायत चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘किस मुंह से भाजपा अपने कुछ राज्यों में बिना डिग्री वाले लोगों के पंचायत चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा रही है।’’

हरियाणा सरकार ने हाल में राज्य चुनाव कानूनों में बदलाव किए थे ताकि पंचायत चुनाव लड़ने के लिए अनिवार्य शैक्षणिक योग्यताओं का निर्धारण किया जा सके लेकिन उच्चतम न्यायालय ने बाद में इन नियमों के लागू किए जाने पर रोक लगा दी।

राहुल ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पर भी निशाना साधा और उनके दशहरा भाषण को दूरदर्शन पर प्रसारित किए जाने की भी आलोचना की। उन्होंने एफटीआईआई विवाद का भी वस्तुत: उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि किस सोच से भाजपा अक्षम विचारकों को प्रतिष्ठित संस्थानों का प्रमुख बनाती है। क्यों समूचे भारत को राष्ट्रीय टेलीविजन के जरिए मोहन भागवत की घृणित बातों को सुनाया जाए।
उन्होंने कहा, ‘‘देश में शांति और स्वतंत्रता जख्मी हुई है और डर की प्रबल भावना फैल रही है।’’

उन्होंने दादरी में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या किए जाने और बुद्धिजीवियों की उनके मतों को लेकर हत्या किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘अभिव्यक्ति, आस्था और पूजा, सोच और मान्यता की स्वतंत्रता पर सभी तरह के हमलों की निंदा करते हैं।’’

पंडित नेहरू को श्रद्धांजलि देते हुए उन्होंने कहा कि प्रथम प्रधानमंत्री बेहद सहिष्णु व्यक्ति थे। उन्होंने कहा, ‘‘उनके लिए, भारत की सहिष्णुता थी, जिसने हमें महान बनाया। हमारी सहिष्णुता ही थी, जो शेष दुनिया को देने के लिए हमारे पास था।’’

आरएसएस और भाजपा पर हमला करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘वे भारत के लोगों की गरिमा का निरादर कर रहे हैं और उनसे वंचित कर रहे हैं, वे न सिर्फ असहिष्णु हैं, वे भारत के लोगों की शक्ति का अनादर कर रहे हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह देश सबका है। यह देश सभी शुभचिंतकों का है, जो इसके संपर्क में आता है। यहां तक कि कोई मेहमान भी जो तीन दिन के लिए भारत आता है वह भी भारतीय है। उसे भी वो स्वतंत्रता और सम्मान दिया जाना चाहिए जो हमें हासिल है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘भारत किसका है और किस आधार पर इसपर चर्चा खराब और खतरनाक है। यह हम सबको नीचा दिखाता है। हम एक समान रूप से इसे खारिज करते हैं।’’

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