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कांग्रेस ने स्मृति ईरानी पर लगाया फर्जीवाड़े का आरोप, की बर्खास्त करने की मांग

केन्द्रीय मंत्री और राज्यसभा सदस्य स्मृति ईरानी पर सांसद निधि के दुरूपयोग के आरोप वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुये बृहस्पतिवार को गुजरात उच्च न्यायालय ने परियोजनाओं का कार्यान्वयन करने वाली एजेंसी से राशि वसूली का ब्यौरा सरकार से मांगा।

केन्द्रीय मंत्री और राज्यसभा सदस्य स्मृति ईरानी पर सांसद निधि के दुरूपयोग के आरोप वाली जनहित याचिका

केन्द्रीय मंत्री और राज्यसभा सदस्य स्मृति ईरानी पर सांसद निधि के दुरूपयोग के आरोप वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुये बृहस्पतिवार (14 मार्च) को गुजरात उच्च न्यायालय ने परियोजनाओं का कार्यान्वयन करने वाली एजेंसी से राशि वसूली का ब्यौरा सरकार से मांगा। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ए एस दवे और न्यायमूर्ति बीरेन वैष्णव की पीठ ने मामले में सरकार द्वारा अब तक की गई जांच की स्थिति के बारे में भी जानकारी मांगी। गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष और आणंद जिले में अन्क्लाव विधानसभा सीट से विधायक अमित चावड़ा ने जुलाई 2017 में स्मृति के खिलाफ जनहित याचिका दायर की थी। मामले में अगली सुनवाई 26 मार्च को होगी।

बता दें कि 2 साल पहले केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर सांसद निधि के दुरुपयोग के आरोप लगे थे। उन्हें गुजरात के आणंद के डीएम ने ठेकेदार को 4.8 करोड़ रुपये लौटाने का आदेश दिया था।  स्मृति ईरानी पर गुजरात प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और आणंद जिले की आंकलव सीट से विधायक अमित चावड़ा ने आरोप लगाए थे। अमित चावड़ा ने एक के बाद एक कई सिलसिलेवार ट्वीट कर स्मृति ईरानी पर आरोप लगाए थे। अमित चावड़ा ने ट्वीट में लिखा था कि स्मृति ईरानी ने आणंद जिले के माघरोल को मॉडल विलेज बनाने के लिए गोद लिया और उन्होंने इसे भ्रष्टाचार और शक्ति का स्पष्ट दुरुपयोग करने का मॉडल बानाने के लिए शानदार काम किया है।

ऐसे में ईरानी ने एमपीएलएडी योजना  यानी सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत प्राप्त निधि का दुरुपयोग किया है। चावड़ा ने दूसरे ट्वीट में लिखा था, स्मृति ईरानी ने दिशानिर्देशों का उल्लंघन करते हुए अवैध रूप से सांसद निधि का इस्तेमाल किया। इसके अतिरिक्त स्मृति ईरानी ने और उनके स्टाफ ने अधिकारी को शारदा मजूर कामदार सहकारी मंडली को कॉन्ट्रेक्ट देने लिए मजबूर किया।

भाषा के इनपुट के साथ।

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