कॉन्फिडेंट ग्रुप के चेयरमैन रॉय चिरियानकंदथ जोसेफ उर्फ सीजे रॉय ने शुक्रवार को कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के लैंगफोर्ड रोड स्थित अपने ऑफिस में कथित तौर पर खुद को गोली मार ली। सूत्रों के अनुसार, घटना के समय इनकम टैक्स के अधिकारी उनके कार्यालय में मौजूद थे।

एक पुलिस अधिकारी ने कहा, घटना दोपहर में कार्यालय-सह-बंगले में घटी है। सीजे रॉय ने कथित तौर पर अपने पास मौजूद पिस्टल का इस्तेमाल किया है।

कारोबारी की मौत

गोली लगने के तुरंत बाद उन्हें एक निजी अस्पताल ले जाया गया और फिर नारायण अस्पताल ले जाया गया, जहां पहुंचने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। वहीं, सूत्रों ने बताया कि घटना के दौरान इनकम टैक्स विभाग के अधिकारी उनके ऑफिस में मौजूद थे।

बेंगलुरु सिटी पुलिस कमिश्नर ने क्या कहा?

मामले में बेंगलुरु सिटी पुलिस कमिश्नर सीमंत कुमार सिंह ने कहा, “आज अशोक नगर पुलिस स्टेशन के इलाके में एक घटना हुई, जहां कॉन्फिडेंट ग्रुप के चेयरमैन (सीजे रॉय) ने खुद को गोली मार ली। SOCO (सीन ऑफ क्राइम ऑफिसर) टीम और FSL टीम मामले की जांच कर रही है। उन्हें तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इनकम टैक्स टीम पिछले 2-3 दिनों से उनके ठिकानों पर तलाशी ले रही थी। हमारे पास अभी सभी डिटेल्स नहीं हैं। केरल से एक टीम आई थी। पुलिस परिवार के उन सदस्यों के संपर्क में है जो भारत में नहीं हैं। वे आज फ्लाइट से आ रहे हैं। अभी तक यह आत्महत्या का मामला लग रहा है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, पिछले दो दिनों से IT रेड चल रही थी। पहले भी रेड हुई थीं। हमें अभी उसके डिटेल्स मिलने बाकी हैं।”

विदेशों तक फैला था कारोबार

जानकारी के मुताबिक, सीजे रॉय केरल की अग्रणी रियल एस्टेट फर्मों में से एक के मालिक थे। उनका कारोबार देश और विदेश में फैले हुए थे। कहा जाता है कि वह बिना बैंक से लोन लिए अपने प्रोजक्ट बनाते थे। उनका कहना भी था, एक जीरो लोन बिजनेस

कॉन्फिडेंट ग्रुप की वेबसाइट के मुताबिक, सीजे रॉय ने अपनी कंपनी के बारे में लिखा है, हम 19 साल पुरानी एक बड़ी कंपनी है, जिसके कई व्यावसायिक कार्य भारत, यूएई और अमेरिका में फैले हुए हैं। हमें बेंगलुरु, केरल और दुबई में कई रियल एस्टेट प्रोजेक्ट और प्रोडक्टों को डिजाइन करने और उन्हें सफलतापूर्वक पूरा करने का गौरव हासिल है।”

आगे लिखा, हमें यह कहते हुए गर्व हो रहा है कि हमारी 159 प्रोजेक्ट के विशाल पोर्टफोलियो में से कोई भी प्रोजेक्ट संगठन, संपत्ति के स्वामित्व या सरकारी मुद्दों के कारण रूकी नहीं है। हमें कुछ परियोजनाओं को CRISIL की 7 स्टार रेटिंग भी प्राप्त हुई है। आगे पढ़िए बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नबीन ने लिया पहला फैसला, विनोद तावड़े-राम माधव को मिली बड़ी जिम्मेदारी