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कोरोना वायरस: दक्षिणी राज्यों में पूर्ण प्रतिबंध जैसे हालात

केरल ने विषाणु के प्रसार को रोकने के लिए एहतियाती कदम उठाने में अग्रणी भूमिका निभाई है। राज्य सरकार ने राज्य में प्रवेश करने वाले लोगों की निगरानी बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके अलावा विदेशी और घरेलू उड़ानों से आने वाले लोगों की हवाई अड्डे पर जांच की जा रही है।

Author चेन्नई | Published on: March 19, 2020 5:13 AM
केरल के त्रिशूर स्थित सरकारी अस्पताल में मरीज से मिलकर निकलते लोग।

देश में कोरोना विषाणु के खिलाफ छिड़ी जंग के एक हिस्से के रूप में दक्षिणी राज्यों में पूर्ण रूप से प्रतिबंध की स्थिति पैदा हो गई है और सारा ध्यान विषाणु को फैलने से रोकने पर केंद्रित हो गया है। राज्यों में निगरानी बढ़ा दी गई है जबकि राज्य सरकारों ने अपने निवासियों को भीड़भाड़ वाले स्थानों से बचने की सलाह दी है। सार्वजनिक स्थलों पर दूरी बना कर चलने को प्रोत्साहित किया जा रहा है। विषाणु को फैलने से रोकने के लिए यह कारगर कदम साबित हुआ है। केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और तेलंगाना ने शैक्षणिक संस्थानों, मॉल और अन्य स्थलों को बंद कर दिया है जहां अधिक मात्रा में लोग एकत्र होते हैं। केरल में संक्रमण के सर्वाधिक 24 मामले सामने आए हैं जिसके कारण राज्य की पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को बड़ा धक्का लगा है।

केरल ने विषाणु के प्रसार को रोकने के लिए एहतियाती कदम उठाने में अग्रणी भूमिका निभाई है। राज्य सरकार ने राज्य में प्रवेश करने वाले लोगों की निगरानी बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके अलावा विदेशी और घरेलू उड़ानों से आने वाले लोगों की हवाई अड्डे पर जांच की जा रही है। लोगों से प्रार्थना स्थलों पर एकत्रित न होने को कहा गया है और इसका पालन कराने के लिए राज्य सरकारों ने धार्मिक नेताओं से भी बातचीत की है। राज्य के सभी स्कूल-कालेज बंद कर दिए गए हैं और मॉल, जिम और समुद्र तटों पर आगंतुकों को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है।

केरल सरकार ने बुधवार को दिशा निर्देश जारी कर लगभग पांच हजार विदेशी पर्यटकों को सुरक्षित उनके देश भेजने का निर्णय लिया है। कर्नाटक ने सार्वजनिक स्थलों को बंद करने के कदम उठाने शुरू कर दिए थे। मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने बुधवार को कहा कि कोरोना विषाणु के खतरे से निपटने के लिए राज्य मंत्रिमंडल ने दो सौ करोड़ की राशि को मंजूरी दी है। कोरोना पर मंत्रिमंडल की एक विशेष बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने विधानसभा में घोषणा की कि राज्य में 14 मार्च से एक सप्ताह के लिए लागू किए गए प्रतिबंधों को 31 मार्च तक के लिए बढ़ा दिया गया है। मंत्रिमंडल ने एक कार्यबल बनाने का भी निर्णय लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से आने वाले यात्रियों की जांच की जाएगी और उन्हें 15-16 दिन के लिए पृथक रखा जाएगा।

तमिलनाडु में अब तक कोरोना विषाणु का एक मामला सामने आया है और राज्य ने रेलवे स्टेशन और सीमा पर निगरानी बढ़ा दी है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के नियंत्रण वाले मंदिरों को भी बंद कर दिया गया है। राज्य सरकार ने रेलवे स्टेशन और ट्रेन के अलावा हवाई अड्डों पर भी तगड़ी निगरानी की व्यवस्था की है। पुडुचेरी में सार्वजनिक पार्क, वनस्पति उद्यान, अरविंद आश्रम, संग्रहालय, बोट हाउस इत्यादि को बंद करने का आदेश दिया गया है।

आंध्र प्रदेश के नेल्लोर में संक्रमण के एक मामले की पुष्टि हुई है और राज्य सरकार ने महामारी अधिनियम 1897 के खंड दो, तीन और चार को लागू कर दिया है। तेलंगाना ने भी 31 मार्च तक सभी प्रकार के शैक्षणिक संस्थानों, कोचिंग सेंटर और समर कैंप बंद करने का आदेश दिया है। विवाह समारोह, जनसभा, सम्मेलन, कार्यशाला, उत्सव, रैली, प्रदर्शनी, मेले और सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर रोक लगा दी गई है। सिनेमा हॉल, बार, पब, क्लब आदि सप्ताह भर के लिए बंद कर दिए गए हैं।

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