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AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी पर देशद्रोह का आरोप, Ayodhya Vedict पर दिया था बयान

असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ अयोध्या मामले पर उकसाने वाली बयानबाजी करने और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ बयान देने के कारण शिकायत दर्ज करायी गई है।

Author नई दिल्ली | Updated: November 11, 2019 9:43 PM
हैदराबाद से सांसद ओवैसी, (File Photo)

अयोध्या मसले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर बयानबाजी करने के चलते एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी मुश्किल में फंसते नजर आ रहे हैं। दरअसल भोपाल में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करायी गई है। यह केस जहांगीराबाद पुलिस स्टेशन में वकील पवन कुमार यादव द्वारा दर्ज कराया गया है। बता दें कि असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ अयोध्या मामले पर उकसाने वाली बयानबाजी करने और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ बयान देने के कारण शिकायत दर्ज कराई गई है।

ओवैसी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कहा था कि सर्वोच्च न्यायालय ‘अचूक’ नहीं है और वह भी ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के स्टैंड का समर्थन करते हैं, जिसने कोर्ट के फैसले से असंतुष्टि जाहिर की है। ओवैसी ने कहा था कि जिन्होंने 1992 में बाबरी मस्जिद को ध्वस्त किया था..आज सुप्रीम कोर्ट उन्हीं लोगों को कह रहा है कि वह ट्रस्ट बनाकर मंदिर का निर्माण शुरु करें। ओवैसी ने कहा था कि ‘मुस्लिम अपने हक के लिए लड़ेंगे और उन्हें मस्जिद के लिए 5 एकड़ जमीन खैरात में नहीं चाहिए।’

ओवैसी ने अपने बयान में कहा कि ‘यदि मैं हैदराबाद की सड़कों पर भीख मांगूंगा तो मैं यूपी में मस्जिद बनाने लायक रकम इकट्ठा कर सकता हूं।’ वहीं अपने एक अन्य बयान में ओवैसी ने आरएसएस पर तंज कसते हुए आरोप लगाया कि “संघ देश के मुसलमानों को भगवा रंग में रंगना चाहता है। आरएसएस आप लोगों को गुलाम बनाना चाहती है, लेकिन आप गुलाम मत बनो और बराबरी हासिल करो।” ओवैसी ने ये भी कहा कि “मेरे रगो में जो खून दौड़ रहा है, वो शहादत के लिए बेचैन है मगर याद रखो कि यहां से जो आवाज उठेगी, इंशा अल्लाह पूरे हिंदुस्तान में आवाज गूंजेंगी।”

पुलिस को दी गई शिकायत में कहा गया है कि असदुद्दीन ओवैसी का भाषण एक समुदाय विशेष की धार्मिक भावानाओं को भड़का सकता है। बता दें कि 9 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या विवाद पर अपने ऐतिहासिक फैसले में रामलला विराजमान के पक्ष में फैसला दिया था। इस फैसले के तहत कोर्ट ने सरकार को तीन माह में ट्रस्ट बनाने की समयसीमा तय की है। यही ट्रस्ट मंदिर निर्माण के काम की देखरेख करेगी। वहीं कोर्ट ने मस्जिद निर्माण के लिए अयोध्या में 5 एकड़ जमीन देने के भी सरकार को निर्देश दिए थे।

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