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आगरा: नाबालिग के अगवा होने की सूचना पर बवाल, डर के चलते कई परिवारों ने गांव छोड़ा

एक पीड़ित इसरार ने बताया, 'हम डर गए थे और किसी तरह वहां से भागे। मगर उन्होंने हमारी दुकान को नहीं छोड़ा। हमारी दुकान जला दी गई, जिससे लाखों रुपए का नुकसान हो गया। दुकान में तोड़फोड़ भी की और बहुत सा सामान लूट कर ले गए। इस दौरान वो मुझे लगातार कहते रहे कि हमारे जाने का समय आ गया है।'

Author आगरा | September 19, 2019 11:31 AM
UP policeतस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है।

आगरा में एक लड़की के कथित अपहरण के चलते जिले में सांप्रदायिक घटना के एक दिन बाद कई परिवारों ने डर के चलते गांव छोड़ दिया। दूसरे समुदाय द्वारा एक नाबालिग लड़की के अपहरण की खबर के बीच बेकाबू भीड़ ने इलाके में कई दुकानों को आग के हवाले कर दिया जिससे दंगे जैसी स्थिति पैदा हो गई। आगरा के एत्मादपुर में सेमरा गांव की मार्केट में भाई के साथ दुकाने चलाने वाले इसरार (32) ने बताया कि उन्होंने मंगलवार को शाम करीब पांच बजे लगभग 300 लोगों की भीड़ की आवाज सुनी जो उन्हीं की दुकान की तरफ आ रही थी।

इसरार ने बताया, ‘हम डर गए थे और किसी तरह वहां से भागे। मगर उन्होंने हमारी दुकान को नहीं छोड़ा। हमारी दुकान जला दी गई, जिससे लाखों रुपए का नुकसान हो गया। दुकान में तोड़फोड़ भी की और बहुत सा सामान लूट कर ले गए। इस दौरान वो मुझे लगातार कहते रहे कि हमारे जाने का समय आ गया है। अब दुकान ही खत्म हो गई है इसलिए हमें बाहर जाना होगा। हम यहां सुरक्षित नहीं है।’ इसी बीच स्थानीय निवासियों ने बताया कि कुछ परिवारों ने आधी रात को हिंसा समाप्त होने के बाद घर छोड़ना शुरू कर दिया।

पुलिस के मुताबिक सुबह साढ़े सात बजे स्कूल जाने के बाद जब 15 वर्षीय लड़की घर वापस नहीं लौटी तो उसके परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। मामले में एक एफआईआर आईपीसी की धारा 363 के तहत एक नाबालिग लड़के खिलाफ दर्ज की गई जो उसी की कॉलोनी में रहता है।

मामले में लड़की के पिता ने बताया, ‘उसके सहपाठियों ने बताया कि वो रोज उनके साथ स्कूल जाती थी मगर उसे एक कॉलोनी के नजदीक रोक लिया गया जहां मुस्लिम आबादी है। वहां से वो स्कूल के निकल गए मगर बाद में बेटी सहपाठियों के साथ नहीं आ सकी। उन्होंने बताया कि कॉलोनी के कुछ लोग उन्हें परेशान कर रहे थे। बेटी की खोजबीन के लिए हमने कानूनी प्रक्रिया का पालन किया। यह एक व्यक्तिगत मुद्दा था और हमने दंगों में किसी तरह की भूमिका नहीं निभाई।’

वहीं पुलिस ने बताया कि लड़का और लड़की दोनों एक दूसरे को पहले जानते थे। पुलिस ने दोनों को आगरा के करीब में खोजा। मामले में वेस्ट रूरल के एसपी रवी कुमार ने बताया, ‘एफआईआर तुरंत दर्ज की ली गई थी जबकि कुछ लोगों ने आगजनी की। दो-तीन दुकानों को आग के हवाले कर दिया गया। हालांकि पुलिस और पीएसी की त्वरित कार्रवाई के बाद हालात काबू में कर लिए गए। अब अगले चरण में दंगाईयों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। दुकानों के नुकसान के लिए व्यक्तिगत शिकायत भी दर्ज की जाएगी।’

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