ताज़ा खबर
 

सीबीआई प्रमुख को हटाने वाली समिति के सदस्‍य बोले- सरकार ने नहीं दिखाई जस्टिस पटनायक की रिपोर्ट

खड़गे ने कहा कि, "पटनायक की रिपोर्ट नहीं रखी गई है, और वह स्वयं अब यह बता रहे हैं कि रिपोर्ट 50 पेज की है। एनेक्सचर 1,000 पेज का है। उन्होंने वह जमा नहीं किया। उन्होंने जल्दबाजी में फैसला लिया है।"

न्यायमूर्ति पटनायक के बयान के बारे में पूछे जाने पर खड़गे ने कहा: “मैं अपने विचार पहले ही व्यक्त कर चुका हूं।” (एक्सप्रेस फोटो: प्रेम नाथ पांडे/फाइल)

मल्लिकार्जुन खड़गे, आलोक वर्मा केस में प्रधानमंत्री की अगुवाई वाली तीन सदस्यीय चयन समिति में विपक्ष के सदस्य हैं। आलोक वर्मा को सीबीआई निदेशक के पद से हटा दिया गया है। मल्लिकार्जुन खड़गे ने शनिवार को कहा कि सरकार ने समिति के साथ न्यायमूर्ति एके पटनायक की रिपोर्ट को साझा नहीं किया, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर वर्मा के ऊपर लगे आरोपों की केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) की जांच का पर्यवेक्षण किया था। खड़गे ने कहा कि यह सरकार की ओर से ”गलत” है क्योंकि पूछने के बावजूद रिपोर्ट साझा नहीं की गई। जस्टिस पटनायक ने शुक्रवार को द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि वर्मा के खिलाफ “भ्रष्टाचार का कोई सबूत नहीं था”, और “सीवीसी जो कहता है वह अंतिम नहीं हो सकता है”। न्यायमूर्ति पटनायक के बयान के बारे में पूछे जाने पर खड़गे ने कहा: “मैं अपने विचार पहले ही व्यक्त कर चुका हूं।”

द संडे एक्सप्रेस के मुताबिक जस्टिस पटनायक की रिपोर्ट को जस्टिस ए के सीकरी के साथ भी साझा नहीं किया गया था, जो सिलेक्शन कमिटी में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के नॉमिनी थे। न्यायमूर्ति सीकरी ने हालांकि इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। खड़गे ने शनिवार को द संडे एक्सप्रेस को बताया: “यह वह प्रश्न है जो मैंने वहां (चयन समिति की बैठक में) उठाया था। कि क्या कार्यवाही रिकॉर्ड की है या नहीं… क्योंकि कार्यवाही अभी तक नहीं हुई थी। मैंने उनसे कहा कि मुझे जस्टिस पटनायक की रिपोर्ट नहीं मिली है और आपको मुझे आलोक वर्मा पर सीवीसी द्वारा लगाए गए आरोपों के बारे में अवगत कराने का मौका देना चाहिए, क्या वे सही हैं, झूठे हैं… उन्होंने उन रिकॉर्ड को समिति के सामने नहीं रखा।

खड़गे ने कहा कि, “पटनायक की रिपोर्ट नहीं रखी गई है, और वह स्वयं अब यह बता रहे हैं कि रिपोर्ट 50 पेज की है, एनेक्सचर 1,000 पेज का है। उन्होंने वह जमा नहीं किया। उन्होंने जल्दबाजी में फैसला लिया है।” यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें विश्वास है कि सरकार ने जानबूझकर रिपोर्ट साझा नहीं की है, खड़गे ने कहा, “जब हम इसकी मांग कर रहे हैं, तो आप अनुमान लगा सकते हैं… आप किस शब्द का उपयोग कर सकते हैं जो आपके लिए बचा है। जब मैंने विशेष रूप से यह जानने की मांग की कि इसका कॉन्टेंट क्या है, वर्मा की सुप्रीम कोर्ट को प्रतिक्रिया, तो मुझे नहीं पता कि उन्होंने इसे क्यों साझा नहीं किया। यह गलत है।”

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App