व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर के दाम में 50% की बढ़ोतरी के एक दिन बाद दिल्ली में रेस्तरां संचालकों और रेहड़ी पटरी वालों ने कहा कि यदि यह रुझान जारी रहा तो खाने के दाम बढ़ेंगे, वित्तीय दबाव बढ़ेगा और रोजगार पर भी असर पड़ सकता है। दिल्ली से सटे नोएडा, गाजियाबाद के अलावा हिमाचल के शिमला समेत विभिन्न शहरों पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश समेत देश के विभिन्न हिस्सों से इस तरह की खबरें आ रही हैं।

व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर के दाम में 993 रुपये की भारी वृद्धि की गई है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी के बीच लगातार तीसरे महीने कीमतों में इजाफा किया गया है। ‘नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन आफ इंडिया’ के मानद कोषाध्यक्ष मनप्रीत सिंह ने कहा कि रेस्तरां पहले से ही आपूर्ति संबंधी चुनौतियों और बढ़ती लागत से जूझ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सिलेंडर की उपलब्धता में कठिनाई है और असंगठित क्षेत्रों में कालाबाजारी भी बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि जो कीमत पहले करीब 1,600 रुपये थी और छूट के साथ 1,300 रुपये तक आ जाती थी, वह अब बढ़कर 3,000 से 4,000 रुपये प्रति सिलेंडर हो गई है। मध्यम आकार के एक रेस्तरां को रोजाना दो से पांच सिलेंडर की जरूरत होती है, जिससे लागत पर दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि छोटे प्रतिष्ठानों के लिए स्थिति और कठिन हो सकती है।

एसोसिएशन ने रेस्तरां को दीर्घकालिक समाधान के रूप में इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड के पाइप वाली रसोई गैस (पीएनजी) कनेक्शन की ओर जाने की सलाह दी है।

खान मार्केट स्थित ‘मामागोटो’ के मालिक कबीर सूरी ने कहा कि सिलेंडर कीमतों में लगभग तीन गुना वृद्धि का असर उद्योग पर साफ दिख रहा है। उन्होंने कहा कि ईंधन और लाजिस्टिक्स लागत बढ़ने से दबाव और बढ़ गया है और यदि यह जारी रहा तो खाने के दाम बढ़ाना अनिवार्य हो जाएगा। पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण वैश्विक तेल कीमतों में लगभग 50 फीसद की वृद्धि हुई है, जिससे ईंधन और परिवहन लागत भी बढ़ गई है।

पश्चिमी दिल्ली के एक रेस्तरां संचालक ने कहा कि वह लागत बढ़ने के बावजूद कर्मचारियों को समय पर वेतन देने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन स्थिति लंबी चली तो मेन्यू की कीमतें बढ़ानी पड़ेंगी। उत्तरी दिल्ली के एक अन्य संचालक ने कहा कि सिर्फ खर्चों में कटौती से काम नहीं चलेगा और ईंधन कीमतें ऊंची रहीं तो व्यवसाय चलाना मुश्किल हो जाएगा।

क्या है शिमला का हाल?

दूसरी ओर, शिमला में स्थानीय दुकानदारों ने कहा कि 19 किलोग्राम वाले वाणिज्यिक सिलेंडर की कीमत बढ़कर अब 3,071 रुपये हो गई है, जबकि पांच किलोग्राम सिलेंडर का दाम 549 रुपये से बढ़कर 810 रुपये हो गया है, जो करीब 48 फीसद की वृद्धि है।

मिठाई की दुकान संचालक वरुण ने कहा कि शहर में व्यावसायिक गैस सिलेंडर की कीमत में करीब 1,000 रुपये की बढ़ोतरी हुई है और परिवहन खर्च जोड़ने के बाद इसकी लागत लगभग 3,450 रुपये तक पहुंच जाती है। होटल व्यवसायी और शिमला व्यापार मंडल के पूर्व अध्यक्ष इंदरजीत सिंह ने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि पहले व्यावसायिक सिलेंडर की कमी थी और अब पांच राज्यों में चुनाव के बाद इनकी दरें भी बढ़ा दी गई हैं।

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 ईरान युद्ध के प्रकोप से ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला बाधित होने के बाद से, खुर्जा में अधिकांश मिट्टी के बर्तन बनाने वाले कारखाने गैस आपूर्ति की कमी और ईंधन की बढ़ती लागत के कारण अपने संयंत्रों को चलाने में असमर्थ रहे हैं। कुछ श्रमिकों ने भी काम छोड़कर जाना शुरू कर दिया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें