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कर्नल पुरोहित का आरोप- बेहोश होने तक करते थे टॉर्चर, टूंटी हुई टांग को मार-मार कर दोबारे तोड़ा

आठ से नौ दिनों तक पुरोहित को मारा गया जिसके बाद सूजन कम होने के लिए उन्हें छोड़ दिया गया था। जब सूजन कम हुई फिर 8-9 दिन तक मारा गया।

2008 के मालेगांव बम विस्फोट मामले के मुख्य आरोपी लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित। (फाइल फोटो)

महाराष्ट्र के मालेगांव धमाकों के आरोपी लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत पुरोहित जेल से निकलने के बाद पहली बार अपनी आपबीती सुनाई। करीब 9 साल जेल में रहने के बाद पिछले हफ्ते पहली बार जमानत पर बाहर आए कर्नल पुरोहित अब 9 सालों में उनपर हुए अत्याचारों पर खुलकर बात की है। हिन्दी न्यूज चैनल न्यूज 18 इंडिया को दिए इंटरव्यू में उन्होंने खुलकर बातकी। कर्नल पुरोहित ने अपने हुए टॉर्चर के बारे में बात करते हुए कहा कि उन्हें 20-20 मिनट तक लटका कर रखा जाता था। कई बार उन्हें बेहोश होने तक लटकाया जाता था। उन्होंने कहा आठ से नौ दिनों तक उन्हें मारा गया था जिसके बाद सूजन कम होने के लिए उन्हें छोड़ दिया गया था। जब सूजन कम हुई फिर 8-9 दिन तक मारा। कैमरे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि उनके एक पैर टूटा हुआ था उन्होंने टॉर्चर के दौरान उन्होंने ये बताया भी, कागज भी दिखाए लेकिन उन्हें इतना मारा गया कि उनकी टांग दोबारे टूट गई। कर्नल पुरोहित ने कहा कि भगवान किसी फौजी को थाने का दर्शन ना कराए हालांकि पुरोहित सेना से काफी खुश नजर आए।

कर्नल ने इसके बाद सेना से RDX चुराने के आरोप पर भी सफाई पेश की। पुरोहित ने कहा कि RDX चोरी करना आसान नहीं है और बक्सा बाहर ले जाना नामुमकिन है। उन्होंने कहा कि जब कोई इस तरह का सामान ले जाता है तो इसके लिए बकायदा अथॉरिटी लेटर दिया जाता है, उनके पास चाबी होती है और वो बकायदा चेक करते हैं। उन्होंने कहा कि एसएम साहब आकर उसको चेक करते हैं और कुत्ता चेक करता है। कर्नल ने बताया कि जब एक फौजी अपनी रूटीन ड्यूटी पर जाता है तो उसके सामान की जांच की जाती है, ऐसे में ये कैसे मुमकिन है कि सेना का विस्फोटक कोई अफसर ही गायब कर दे। इस पूरे वीडियो में कर्नल बेहद दुखी और अपने ऊपर हुए टार्चर से नाराज नजर आए।

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