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पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के बाद ठंड का कहर तेज, लद्दाख के द्रास में तापमान शून्य से 16.8 डिग्री नीचे दर्ज किया गया; दिल्ली में शीतलहर

मौसम विभाग ने अगले कुछ दिन में न्यूनतम तापमान में और गिरावट होने का अनुमान जताया है।

आईएमडी ने जनवरी तक उत्तर पश्चिम भारत में शीत लहर से लेकर गंभीर शीत लहर की स्थिति की भविष्यवाणी की है। (File photo: Indian Express )

पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी व बारिश के बाद से ही ठंड का कहर तेज। सबसे कम तापमान लद्दाख के द्रास में शून्य से 16.8 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। इसके बाद हिमाचल के केलांग में शून्य से 8.2 व कश्मीर के पहलगांव में शून्य से 6.1 डिग्री नीचे दर्ज किया गया। वहीं, दिल्ली सहित पश्चिमोत्तर भारत के मैदानों में शीतलहर का प्रकोप जारी है। मौसम विभाग ने कहा है कि तीन जनवरी तक पश्चिमी हिमालय में हल्की बारिश और हिमपात बढ़ सकता है।

कश्मीर के अधिकतर स्थानों पर न्यूनतम तापमान जमाव बिंदु से नीचे जाने के कारण शीतलहर का प्रकोप तेज हो गया है और मौसम विज्ञान विभाग ने अगले कुछ दिन में तापमान में और गिरावट होने का अनुमान जताया है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिन में न्यूनतम तापमान में और गिरावट होने का अनुमान जताया है।

विभाग ने कहा है कि 24 घंटे में ऊंचाई वाले कुछ स्थानों पर फिर हल्की बारिश बर्फबारी हो सकती है। जबकि चार से छह जनवरी के दौरान भारी बर्फबारी व मध्यम तीव्रता की बारिश होने की संभावना है। वहीं उत्तराखंड व हिमाचल प्रदेश में भी तापमान जमाव बिंदु से नीचे चल रहा है। उत्तराखंड में सबसे कम तापमान(-9डिग्री सेल्सियस) रानीचौरी में दर्ज किया गया।

वहीं, पंजाब और हरियाणा में अधिकतर स्थानों पर कड़ाके की ठंड जारी रही और घना कोहरा छाया रहा। मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पंजाब में भटिंडा सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.4 डिग्री कम एक डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

हरियाणा के हिसार में न्यूनतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री नीचे यानी दो डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पंजाब और हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ में न्यूनतम तापमान 5.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हरियाणा के अंबाला, करनाल में 3.8, नारनौल में तीन व हिसार में दो डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पंजाब के अमृतसर और लुधियाना में न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री अधिक 4.2 और 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

पंजाब के बठिंडा, पटियाला और हरियाणा के अंबाला में घना कोहरा छाया रहा। मौसम संबंधी निजी वेबसाइट ‘स्काइमेट वेदर’ के मुताबिक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र श्रीलंका के तट से दूर बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम में समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर बना हुआ है।

उत्तरी पाकिस्तान और इससे सटे जम्मू-कश्मीर पर एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है। चार जनवरी तक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय के पास पहुंच जाएगा। पिछले 24 घंटों के दौरान, आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तट और तमिलनाडु के तटीय इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई और कुछ स्थानों पर भारी बारिश हुई। रायलसीमा और आंतरिक तमिलनाडु के कुछ हिस्सों और दक्षिण अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के अलग-अलग हिस्सों में छिटपुट हल्की से मध्यम बारिश हुई।

अगले 24 घंटों के दौरान, गिलगित बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद, लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों और उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और हिमपात हो सकता है। तमिलनाडु के तटीय इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है और कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। रायलसीमा, दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश और आंतरिक तमिलनाडु में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

केरल, दक्षिण भारत कर्नाटक और लक्षद्वीप और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के अलग-अलग हिस्सों में हल्की बारिश। उत्तर पश्चिमी भारत में न्यूनतम तापमान में वृद्धि या मामूली वृद्धि होने की संभावना है। अगले 48 घंटों के दौरान पूर्वी भारत के न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री की गिरावट आ सकती है।

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