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भिखारी के घर से मिले 10 लाख रुपए के सिक्के और फिक्स्ड डिपॉजिट! बनवा रखा था PAN CARD-AADHAR

सीनियर इंस्पेक्टर नंदकुमार सस्ते ने बताया कि बस्ती के लोगों ने पुष्टि की है कि मृतक भीख मांगकर अपना गुजारा करते थे। फेरीवालों और अन्य भिखारियों ने भी उनके शव की पुष्टि की है।

Author नई दिल्ली | Updated: October 7, 2019 2:40 PM
दुर्घटना के बाद रेलवे पुलिस ने बीरभीचंद आजाद के शव की किसी तरह पहचान की जो रेलवे ट्रैक के ही नजदीक एक बस्ती में रहा करते थे और आजिविका चलाने के लिए लोगों से पैसा मांगते।

मुंबई में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां पुलिस को भीख मांगकर गुजारा करने वाले एक शख्स के घर से लाखों रुपए बरामद हुए। दरअसल बीते शुक्रवार को एक रेल दुर्घटना में 82 वर्षीय बीरभीचंद आजाद कि मौत हो गई थी, जिसकी जांच पड़ताल के लिए पुलिस मृतक के घर पहुंची। घर की छानबीन की गई तो पुलिस की आंखें फटी रह गईं। मुंबई मिरर में छपी एक खबर के मुताबिक शुक्रवार रात करीब 9 बजे आजाद घर पहुंचने के लिए रेलवे ट्रैक पार कर रहे थे, इस दौरान तेजी आ रही ट्रेन उन्हें रौंदकर चली गई। इसी घटना की जांच के लिए पुलिस गोवंडी स्थित उनकी कुटिया में पहुंची जहां बहुस सारा पैसा मिला, जिसे गिनने में ही कई घंटे बीत गए।

बता दें कि दुर्घटना के बाद रेलवे पुलिस ने बीरभीचंद आजाद के शव की किसी तरह पहचान की जो रेलवे ट्रैक के ही नजदीक एक बस्ती में रहा करते थे और आजिविका चलाने के लिए लोगों से पैसा मांगते। जानकारी के मुताबिक जीआरपी कांस्टबेल आजाद की कुटिया में पहुंचे तो उन्हें अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हुआ। पूरी कुटियो सिक्कों से भरी परी थी, इन्हें गिनने में पुलिस को 6 घंटे का समय लग गया। सिक्के करीब 1.77 लाख रुपए के थे। इन सिक्कों को छह बैग में रखकर ले जाया गया। कुटिया से पुलिस को कई बैंकों के फिक्स्ड डिपॉजिट की रसीद भी मिलीं, जो करीब 8.77 लाख रुपए की बैठती हैं। इसका अलावा कुटिया से बुजुर्ग शख्स का पैन कार्ड, आधार कार्ड, वरिष्ठ नागरिक कार्ड मिला जो कुर्ला तहसीलदार द्वारा जारी किया गया।

जीआरपी के सीनियर इंस्पेक्टर नंदकुमार सस्ते ने मुंबई मिरर को बताया कि बस्ती के लोगों ने पुष्टि की है कि मृतक भीख मांगकर अपना गुजारा करते थे। फेरीवालों और अन्य भिखारियों ने भी उनके शव की पुष्टि की है। पता और अन्य दस्तावेजों से भी पता चलता है कि आजाद का परिवार राजस्थान में रहता है जबकि वह अकेले मुंबई में रहते थे।

बता दें कि करीब एक दर्जनों कांस्टेबलों की टीम जो आजाद की कुटिया में पहुंची रविवार दोपहर बाद तक मामले से जुड़ी सारी कार्रवाई पूरी कर सकी।

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