‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने शनिवार को केंद्र सरकार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने के लिए सात दिनों का अल्टीमेटम दिया है। कांग्रेस को छोड़कर विपक्षी दलों ने जंतर-मंतर पर हुए इस विरोध-प्रदर्शन का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह देश के युवाओं की निराशा को जाहिर करता है।
कांग्रेस नेताओं ने इस मामले पर सावधानीपूर्वक चुप्पी साधे रखी। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि उन्हें शक है कि सीजेपी को आम आदमी पार्टी का समर्थन हासिल था। इसलिए पार्टी अभी ‘वेट एंड वॉच’ की नीति अपनाएगी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने बताया कि पार्टी को सीजेपी की सोशल मीडिया पर मौजूदगी और इस बात पर संदेह है कि उसे टीवी डिबेट में इतना समय और राजधानी में विरोध-प्रदर्शन करने की अनुमति कैसे मिली।
‘जेन जी’ के साथ मजबूती से खड़ी कांग्रेस- सुप्रिया श्रीनेत
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कांग्रेस की सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की चेयरपर्सन सुप्रिया श्रीनेत ने सीजेपी का नाम लिए बिना कहा कि पार्टी ‘जेन जी’ के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने लिखा, “कांग्रेस पार्टी हमेशा ‘जेन जी’ के मुद्दों को उठाने में सबसे आगे रही है। पार्टी उनकी बात सुनने, उनकी आवाज को बुलंद करने, उनकी चिंताओं को दूर करने और उनके भविष्य की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करती रही है। सिर्फ पिछले एक महीने में, एनएसयूआई और इंडियन यूथ कांग्रेस ने नीट पेपर लीक स्कैंडल और सीबीएसई मार्किंग की गड़बड़ियों के खिलाफ देश भर में 50 से ज्यादा विरोध-प्रदर्शन आयोजित किए हैं।”
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को किसी त्रासदी के पीड़ितों से मिलने या संवेदनशील जगहों पर जाने से कितनी बार रोका गया, इसका जिक्र करते हुए श्रीनेत ने कहा कि ऐसे हालात में, अगर दिल्ली पुलिस किसी को आसानी से विरोध प्रदर्शन करने की इजाजत देती है, तो सवाल उठना लाजमी है। हालांकि, कांग्रेस की सहयोगी पार्टियों जैसे समाजवादी पार्टी, टीएमसी, शिवसेना यूबीटी, आरजेडी, सीपीआई(एमएल) और सीपीआईएम ने विरोध प्रदर्शन का स्वागत किया।
राज्यसभा में टीएमसी की डिप्टी लीडर सागरिका घोष ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि पार्टी नाराज युवाओं के नेतृत्व वाले आंदोलन का समर्थन करती है और यह सरकार के लिए एक ‘रियलिटी चेक’ है। घोष ने कहा, “हर साल पेपर लीक होते हैं। बच्चों ने आत्महत्याएं की हैं, फिर भी कोई जवाबदेही तय नहीं की गई है।”
लोकतंत्र में हर किसी को विरोध करने का अधिकार- आरजेडी
आरजेडी के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा, “आरजेडी और हमारे नेता तेजस्वी यादव पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। लोकतंत्र में हर किसी को विरोध करने का अधिकार है।” लोकसभा सांसद राजीव राय ने इसे सरकार के लिए एक “चेतावनी” बताया। उन्होंने कहा, “युवाओं ने पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठाई है और इससे सरकार को आत्मनिरीक्षण करना चाहिए। 1970 के दशक में हमने जेपी आंदोलन देखा था और अब हम यही कह रहे हैं। सरकार को जनता के गुस्से पर ध्यान देना चाहिए।”
कॉकरोच को कम नहीं आंकना चाहिए- उद्धव ठाकरे
शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि “कॉकरोच को कम नहीं आंकना चाहिए” और जंतर-मंतर पर हो रहा आंदोलन यही चेतावनी दे रहा है। ठाकरे ने एक बयान में कहा, “जिन्हें हम देश का भविष्य और भाग्य-विधाता कहते हैं, वे हजारों युवा चिलचिलाती गर्मी में अपने भविष्य की चिंता और दर्द लेकर सड़कों पर उतरे हैं।”
क्या बोले अरविंद केजरीवाल?
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन युवाओं के गुस्से और निराशा का इजहार है। केजरीवाल ने कहा, “उन्हें देश-विरोधी कहने के बजाय, मोदी सरकार को उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए। आप उनकी मांगों का समर्थन करती है। प्रधानमंत्री को शिक्षा मंत्री को तुरंत बर्खास्त कर देना चाहिए।”
जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए सीपीआई(एमएल) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा, “केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा दे देना चाहिए और शिक्षा के क्षेत्र में लगातार बने हुए संकट के लिए उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।” एक सीपीआई (एम) सांसद ने कहा कि किसी भी आंदोलन का स्वागत किया जाना चाहिए। सांसद ने कहा, “हम ऐसे आंदोलन का समर्थन करेंगे और अन्य लोकतंत्र समर्थक ताकतों को भी ऐसा ही करना चाहिए।”
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कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल होने दिल्ली के जंतर-मंतर पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पहुंच गए हैं। उन्होंने इस आंदोलन को समर्थन देने का हाल ही में ऐलान किया है। पहुंचने के दौरान उन्होंने युवाओं को अपना मैसेज दिया है। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…
