कॉकरोच जनता पार्टी ने सोमवार को दिल्ली में संसद मार्च निकाला और इसमें बड़ी संख्या में छात्र, सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। ये सभी शिक्षा व्यवस्था में सुधार किए जाने और नीट पेपर लीक के मामले में जवाबदेही तय किए जाने की मांग कर रहे थे।
इस दौरान संसद परिसर से लगभग 2 किलोमीटर दूर और नीति आयोग की इमारत के पास का इलाका ढोल की थाप और हल्की बारिश के बीच ‘जय भीम’ सहित कई और नारों से गूंज रहा था।
प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए भारी संख्या में रैपिड एक्शन फोर्स और दिल्ली पुलिस के जवान तैनात थे। दंगा नियंत्रण वाहनों को भी तैनात किया गया।
…जवाबदेही तय होनी चाहिए
प्रदर्शनकारियों में 27 साल के जयपुर के रहने वाले आईटी प्रोफेशनल नितेश वर्मा भी थे। वर्मा से यह पूछा गया कि वह इस प्रदर्शन में क्यों शामिल हुए हैं तो उन्होंने कहा, “सरकार शिक्षा की स्थिति पर बात करने को तैयार नहीं है… और जवाबदेही तय होनी चाहिए।”
ऐसे ही कई लोग देश के अलग-अलग हिस्सों से जंतर-मंतर पर संसद मार्च में शामिल होने के लिए आए थे। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 20 दिन तक अनशन किया और 21वें दिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें वहां से हटा दिया।
संसद मार्च की रैली में छात्रों के साथ ही कई लोगों के माता-पिता भी शामिल हुए। कई महिलाएं हरियाणा के झज्जर से मार्च को समर्थन देने के लिए दिल्ली आई थीं। उनका कहना था कि हम अपने बच्चों के भविष्य के लिए यहां आए हैं।
पुलिस के साथ हुई झड़प
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को कई जगहों पर रोकने की कोशिश की और इस दौरान उनकी झड़प भी हुई। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। इस दौरान भीड़ बढ़ती गई और बारिश भी तेज हो गई।
इसी दौरान नई दिल्ली जिले में सेंट्रल बैंक आफ इंडिया की बिल्डिंग की इमारत के पास कुछ लोग जम्मू-कश्मीर के लिए पूर्ण राज्य का दर्जा मांगने वाली तख्तियां लेकर भी दिखाई दिए।
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कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि जब विरोध प्रदर्शन अहिंसक है तो लाठी चार्ज क्यों किया जा रहा है? वह लोकसभा परिसर में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च के दौरान पुलिस के लाठीचार्ज को लेकर अपनी बात कह रहे थे। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।
