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मोदी के लिए करवाई ‘चाय पे चर्चा’, नीतीश का प्रचार भी संभाला, अब हैं प्रियंका गांधी के कैंपेन मैनेजर

चुनावी रणनीतिकार रहे प्रशांत किशोर (वर्तमान में जेडीयू उपाध्यक्ष) के नेतृत्व वाले सिटीजन फॉर अकाउंटेबल गवर्नेंस (CAG) और इंडियन पोलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) के सह संस्थापक रहे रॉबिन शर्मा अब प्रियंका गांधी के कैंपेन मैनेजर के रूप में काम करेंगे।

congress leader rahul gandhi and priyanka gandhiकांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी। (फोटो सोर्स- रेणुका पुरी इंडियन एक्सप्रेस के लिए)

कांग्रेस महासचिव बनने और उत्तर प्रदेश में अहम जिम्मेदारी मिलने के बाद भी प्रियंका गांधी वाड्रा बेशक राज्य में अपनी उपस्थिति पूरी तरह से दर्ज ना करा पाई हों। मगर बहुत जल्द होने वाले लोकसभा चुनाव के चलते उनकी एक अस्थाई अभियान योजना और उसके लिए एक ‘टीम’ स्पष्ट रूप से आकार लेने लगी है। अंग्रेजी अखबार ईटी ने अपने सूत्रों के हवाले से बताया कि चुनावी रणनीतिकार रहे प्रशांत किशोर (वर्तमान में जेडीयू उपाध्यक्ष) के नेतृत्व वाले सिटीजन फॉर अकाउंटेबल गवर्नेंस (CAG) और इंडियन पोलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) के सह संस्थापक रहे रॉबिन शर्मा अब प्रियंका गांधी के कैंपेन मैनेजर के रूप में काम करेंगे।

रॉबिन शर्मा साल 2014 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान नरेंद्र मोदी के चुनावी अभियान ‘चाय पे चर्चा’ के प्रमुख थे। इसके अलावा साल 2015 में IPAC के तहत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साइकिल अभियान ‘हर घर नीतीशे, हर मन नीतीशे’ का जिम्मा भी उन्होंने ही संभाला। 2017 में उत्तर प्रदेश में राहुल गांधी के चुनावी अभियान ‘खाट सभा’ की देखरेश IPAC के तहत ही की गई।

हालांकि रॉबिन शर्मा ने IPAC से खुद को बाहर कर लिया है और पिछले महीने वह स्वतंत्र रूप से प्रिंयका गांधी के कैंपेन मैनेजर बन गए। उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव के चलते प्रियंका गांधी संग कई बार मीटिंग भी की। ईटी ने बताया कि प्रियंका की टीम में शामिल होने वाले लोगों में प्रमुख रूप से वरद पांडे भी शामिल हैं। पांडे यूपीए सरकार में पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश विशेष सलाहकार थे।

विश्व प्रख्यात हॉवर्ड यूनिवर्सिटी से पासआउट पांडे यूपीए कार्यकाल में प्रधानमंत्री ग्रामीण विकास कार्यक्रम, निर्मल भारत अभियान, आधार को कई योजना से जोड़ने जैसे प्रमुख कार्यक्रमों में अहम जिम्मेदारी निभा चुके हैं। उन्होंने यूपीए कार्यकाल के अलावा अन्य संस्थानों में भी अपने सेवाएं दीं। हालांकि साल 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले प्रियंका गांधी के साथ काम करने के लिए वह एक बार फिर कांग्रेस में लौट आए।

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