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कोरोना पर बोले सीएम योगी- मौत के आंकड़े छुपाना पाप, लेक‍िन हम लोगों का मनोबल बढ़ाएं या डराएं

इंड‍ियन एक्‍सप्रेस के ऑनलाइन 'अड्डा' कार्यक्रम में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने नदियों में शव प्रवाहित करने पर कहा कि लोगों ने खुद कहा था कि पानी में शव को बहाना उनकी परंपरा है।

इंडियन एक्सप्रेस लाइव प्रोग्राम में योगी ने रखे अपने विचार (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

इंड‍ियन एक्‍सप्रेस के ऑनलाइन ‘अड्डा’ कार्यक्रम में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ का कहना था कि मौत के आंकड़े छुपाना पाप है लेक‍िन हम लोगों का मनोबल बढ़ाएं या डराएं। योगी का कहना था कि मौतों के आंकड़ों को बढ़ा चढ़ाकर पेश किया गया। उन्होंने उदाहरण दिया कि जनवरी में 1 लाख से ज्यादा मृत्यु प्रमाण पत्र यूपी में जारी हुए। फरवरी में तकरीबन 90 हजार और मार्च में 70 हजार से ज्यादा। उनका सवाल था कि क्या ये सारी मौतें कोरोना से हुईं। सीएम ने कहा कि दूसरे कारणों से मरने वाले लोगों को भी कोरोना की लिस्ट में डाल दिया गया। नदियों में शव प्रवाहित करने पर योगी बोले कि लोगों ने खुद कहा था कि पानी में शव को बहाना उनकी परंपरा है।

विरासत में जो प्रदेश मिला उसकी तुलना में आज बहुत ज्यादा बेहतरीन स्थिति है। ईज ऑफ डूईंग में दूसरे नंबर पर है। अर्थव्यवस्था के मामले में भी इसी पायदान पर हैं। मोदी जी के निर्देश में जो रोडमैप तैयार किया गया है, उसमें यूपी देश की नंबर एक इकोनॉमी बनेगा। मार्च 2020 के बाद कोरोना की वजह से न केवल देश बल्कि यूपी को भी प्रभावित किया। 25 मार्च से शुरू हुए लॉकडाउन के बाद चुनौती बढ़ती गईं। 40 लाख प्रवासी लौटकर सूबे में आए। तमाम प्रवासियों का केंद्र यूपी था। किसी के साथ भेदभाव किए बगैर उनका ध्यान रखा।

उनका कहना था कि सेकेंड वेव के बारे में लोगों ने तमाम तरह की भ्रांतियां फैलाईं। मैं खुद भी पॉजिटिव था, लेकिन नेगेटिव रिपोर्ट आने के बाद फील्ड में उतरकर जिम्मा संभाला। पंचायत चुनाव पर उनका कहना था कि वो सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ही संपन्न कराए गए थे।

योगी का कहना था कि कोरोना पूरी दुनिया में फैला, लेकिन भारत को लेकर कुछ लोगों ने नेगेटिव छवि बनाई। पीएम की छवि खऱाब करने की कोशिश की गई। मौजूदा हालात पर उनका कहना था कि सूबे की आबादी 22 करोड़ है। जबकि कुल मौतों की संख्या 22 हजार है। बड़े राज्य, दिल्ली या फिर दुनिया के किसी देश से तुलना करेंगे तो पता चल जाएगा कि हालात काबू हो चुके हैं। सरकार ने जीवन के साथ जीविका को भी बचाया।

एक सवाल के जवाब में उनका कहना था कि हम एक महामारी का सामना कर रहे हैं। स्पेनिश फ्लू का उदाहरण देकर योगी ने कहा कि उस समय पर मिलियन 25 हजार मौतें हुई थीं। लेकिन आज भारत में मौतों का आंकड़ा न्यूनमत है। दूसरी लहर में संक्रमण बहुत ज्यादा तीव्र थी। भ्रामक प्रचार से स्थिति अनियंत्रित हुई। इससे लोग अस्पतालों की तरफ भाग चले। इससे हालात बेकाबू हो गए।

योगी आदित्यनाथ का दावा है कि कोरोना की दूसरी लहर में सूबों के साथ बेहतर ताममेल कर पीएम मोदी ने दूसरी लहर को संभाल लिया। 9 माह में दो वैक्सीन बना पीएम ने दुनिया को चकित कर दिया।

उनका कहना था कि भ्रम फैलाने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए थी, लेकिन हो नहीं सकी। उनका कहना था कि तीसरी लहर को देखते हुए सेनिटाइजेशन तेज किया गया है। 12 साल की छोटी आयु के बच्चों को टीका लगाने का काम तेजी से कर रहे हैं। अस्पतालों को बेहतर बनाने के साथ बच्चों की मेडिसिन किट चार ग्रुपों में बनाकर निगरानी समिति के जरिए वितरित करा रहे हैं।

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