तमिलनाडु में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) सरकार का पहला पूर्ण बजट बुधवार को विधानसभा में पेश किया गया। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए यह बजट राज्य की नई सरकार का पहला पूर्ण बजट है जिसे सरकार की नीतिगत दिशा और प्राथमिकताओं के लिहाज से अहम माना जा रहा है। वित्त मंत्री एन. मैरी विल्सन ने बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने सरकारी निविदाओं (टेंडरों) में कथित ‘कट’ (कमीशन) संस्कृति को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
सरकार की ओर से वित्त मंत्री मैरी विल्सन ने विधानसभा में बजट पेश किया और बजट भाषण के दौरान सरकार की आर्थिक, सामाजिक और विकास संबंधी योजनाओं का खाका रखा। बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व की सराहना की और कहा कि नई सरकार पारदर्शी प्रशासन, वित्तीय अनुशासन और जनकल्याण को प्राथमिकता देते हुए राज्य के विकास को नई गति देने के लिए प्रतिबद्ध है।
बजट भाषण के दौरान विल्सन ने एक बार फिर राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) को समाप्त करने की मांग दोहराई। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर प्रवेश की पुरानी व्यवस्था को बहाल किया जाए।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार तमिलनाडु को मौजूदा वित्तीय संकट से बाहर निकालने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। सरकार का फोकस वित्तीय अनुशासन, पारदर्शी प्रशासन और जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर है।
यह बजट मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व में बनी TVK सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। सरकार का दावा है कि इस बजट के जरिए राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, बुनियादी ढांचे के विकास, रोजगार सृजन और जनहित से जुड़ी योजनाओं को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के नेतृत्व वाली डीएमके सरकार ने पिछले वर्ष फरवरी में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अंतरिम बजट पेश किया था। उस समय के वित्त मंत्री थंगम थेनारासु ने राज्य का राजस्व संग्रह 3.44 लाख करोड़ रुपये और राजकोषीय घाटा 1.22 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया था।
हालांकि टीवीके सरकार के सत्ता में आने के बाद जारी राज्य के वित्त पर श्वेत पत्र (White Paper) में दावा किया गया कि तमिलनाडु पर 13.18 लाख करोड़ रुपये का बकाया कर्ज है और पिछली डीएमके सरकार के कारण राज्य पर भारी वित्तीय बोझ पड़ा है।
तमिलनाडु बजट 2026-27: बड़े ऐलान
स्व-रोजगार और कौशल विकास
-स्व-रोजगार के लिए कौशल प्रशिक्षण (Skill Training) दिया जाएगा।
-बैंक से स्व-रोजगार ऋण पर ₹50,000 तक सब्सिडी मिलेगी।
-5 जिलों में आश्रय गृह (Shelter Homes) बनाए जाएंगे।
-15 जिलों में अल्पकालिक आश्रय (Short-Term Shelter) की व्यवस्था होगी।
गर्भवती महिलाओं के लिए नई योजना
-पूरे तमिलनाडु में गर्भवती महिलाओं के लिए सेवा एवं सहायता केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
-प्रसव से पहले महिलाओं को रहने की सुविधा मिलेगी।
-मुफ्त भोजन, चिकित्सा सहायता और नियमित स्वास्थ्य निगरानी उपलब्ध कराई जाएगी।
महिला विवाह सहायता योजना
-महिलाओं के विवाह के लिए 8 ग्राम सोने का सिक्का और रेशमी साड़ी देने की योजना।
-इस योजना के लिए ₹812 करोड़ का आवंटन।
‘नई यात्रा-नई रफ्तार’ योजना
-5.32 लाख कक्षा 11 के छात्रों को साइकिल दी जाएगी।
-साइकिल के साथ हेलमेट और पानी की बोतल भी मिलेगी।
-योजना के लिए ₹277 करोड़ का प्रावधान।
विभागवार बजट आवंटन
-उच्च शिक्षा विभाग: ₹8,393 करोड़
-सामाजिक न्याय विभाग: ₹3,937 करोड़
-युवा कल्याण एवं खेल विकास विभाग: ₹1,051 करोड़
-विशेष परियोजना क्रियान्वयन विभाग: ₹17,150 करोड़
-श्रम कल्याण एवं कौशल विकास विभाग: ₹2,022 करोड़
स्कूल शिक्षा
-स्कूल पाठ्यक्रम में बदलाव के लिए ₹25 करोड़।
-स्कूल परिसरों में 10581 हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित किया जाएगा ताकि नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके।
-इस अभियान के लिए 7 करोड़ रुपये का प्रावधान।
‘सुपर क्लीन, सुपर कैंपस’ योजना
-सरकारी स्कूलों में साफ-सफाई और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जाएगा।
-स्कूलों में शौचालयों का बेहतर रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाएगी।
NEET पर सरकार का रुख
-वित्त मंत्री मैरी विल्सन ने कहा कि राज्य सरकार केंद्र से NEET परीक्षा पूरी तरह खत्म करने की मांग करेगी।
-मेडिकल प्रवेश के लिए पुरानी व्यवस्था बहाल करने पर जोर।
शिक्षा क्षेत्र के बड़े ऐलान
-पूरे तमिलनाडु में कामराज स्कूल खोले जाएंगे।
-कॉलेज छात्रों के लिए ‘सक्सेस लैपटॉप योजना’ शुरू होगी।
-इस योजना पर ₹2000 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
-उच्च शिक्षा क्षेत्र के लिए ₹8393 करोड़ का बजट रखा गया है।
