लोकप्रिय यूट्यूबर मारिदास (Maridhas) को सोमवार (8 मई 2026) को चेन्नई साइबर क्राइम पुलिस ने मदुरई स्थित उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। उन पर आरोप है कि उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय और उनकी टीवीके सरकार के खिलाफ सोशल मीडिया पर लगातार मानहानिकारक (Defamatory) टिप्पणियां प्रसारित कीं।
तमिलनाडु में नई सरकार के सत्ता में आने के बाद से ही यूट्यूबर मारिदास अपने X अकाउंट और यूट्यूब के जरिए सरकार की गतिविधियों की तीखी आलोचना कर रहे थे।
खासतौर पर जब भी मुख्यमंत्री विजय की नई योजनाओं, नीतियों और घोषणाओं की जानकारी जारी की जाती थी, तब वे आंकड़ों और अलग-अलग तथ्यों का हवाला देते हुए सरकार की आलोचना वाली पोस्ट करते थे। वे सवाल उठाते थे कि इन योजनाओं को व्यवहार में लागू करने की वास्तविक संभावनाएं क्या हैं? क्या इन्हें वास्तव में लागू किया जा सकता है या फिर यह केवल घोषणाओं के माध्यम से जनता को गुमराह करने का प्रयास है?
इसके बाद चेन्नई साइबर क्राइम पुलिस के पास एक आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई गई। इस शिकायत में कहा गया कि मारिदास द्वारा पब्लिश की गई सभी जानकारी और आरोप पूरी तरह से झूठे हैं। मुख्यमंत्री और तमिलनाडु सरकार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से जानबूझकर फैलाया गया मानहानिकारक प्रचार हैं।
शिकायत की गंभीरता की जांच करने के बाद साइबर क्राइम इंस्पेक्टर के नेतृत्व में एक विशेष टीम आज सीधे मदुरई पहुंची और कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया।
कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच गिरफ्तारी
मारिदास (Marithas) मदुरई के सूर्य नगर एरिया में रहते हैं। सोमवार सुबह चेन्नई साइबर क्राइम पुलिस उनकी आवास पर पहुंची और उनसे शुरुआती पूछताछ शुरू की।
उनकी संभावित गिरफ्तारी की सूचना फैलने के बाद यह आशंका जताई जा रही थी कि बीजेपी सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता या उनके समर्थक बड़ी संख्या में वहां इकट्ठा हो सकते हैं। इसे देखते हुए एहतियाती कदम के रूप में मदुरई पुलिस ने मारिदास के घर वाले पूरे सूर्य नगर क्षेत्र को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के तहत घेराबंदी में ले लिया। सुरक्षा का मकसद गिरफ्तारी की प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की बाधा ना होने देना और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखना था।
साइबर क्राइम पुलिस ने उनके निवास पर संक्षिप्त पूछताछ करने के बाद उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद अब मारिदास को चेन्नई ले जाने की तैयारियां की जा रही हैं।
पुलिस के अनुसार, चूंकि यह कार्रवाई तमिलनाडु सरकार और सीएम की गतिविधियों के खिलाफ लगातार कथित मानहानिकारक सामग्री पोस्ट करने के मामले में की गई है। इसलिए मारिदास को विस्तृत पूछताछ के लिए चेन्नई स्थित साइबर क्राइम मुख्यालय ले जाया जाएगा।
इसके अलावा, यह भी सावधानीपूर्वक जांच की जाएगी कि क्या उनके खिलाफ कोई अन्य मामला लंबित है या उनके संबंध में कोई नई शिकायत प्राप्त हुई है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गिरफ्तारी की निंदा
राजनीतिज्ञ और वरिष्ठ वकील वनथी श्रीनिवासन ने मारिदास की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए अपने X (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर किया।
उन्होंने कहा, “तमिलनाडु में रील्स-आधारित शासन चलाने वाली डीएमके सरकार की गतिविधियों की आलोचना करने और उसकी कमियों को उजागर करने के कारण यूट्यूबर मारिदास की पुलिस द्वारा की गई गिरफ्तारी की मैं कड़ी निंदा करती हूं। लोकतंत्र में सरकार की गलतियों को इंगित करना प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है।”
उन्होंने आगे कहा, “उस अधिकार को दबाने के लिए गिरफ्तारी को हथियार के रूप में इस्तेमाल करना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के खिलाफ है। वर्तमान सरकार भी उसी शैली का अनुसरण कर रही है जिसमें पिछले शासनकाल के दौरान सरकार की गलतियों को उजागर करने वालों और सोशल मीडिया आलोचकों को गिरफ्तार कर उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास किया गया था।”
उन्होंने यह भी कहा, “किसी भी सरकार के लिए यह उचित नहीं है कि वह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान किए बिना आलोचनात्मक आवाज़ों को दबाने का प्रयास करे। आलोचनाओं का जवाब तर्क और स्पष्टीकरण से दिया जाना चाहिए ना कि गिरफ्तारियों के माध्यम से।”
