तमिलनाडु की राजनीति में जारी बड़ी सियासी उठापटक अभी भी जारी है। राज्य विधानसभा में बुधवार (13 मई 2026) को तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) सरकार के पक्ष में लाया गया विश्वास प्रस्ताव सफलतापूर्वक पारित हो गया। इस प्रस्ताव पर सदन में विभिन्न राजनीतिक दलों के सदस्यों ने लंबी और तीखी बहस की। बहस के आखिर में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने अपना जवाबी भाषण दिया। विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए उन्होंने साफ कहा कि उनके नेतृत्व वाली सरकार एक धर्मनिरपेक्ष सरकार के रूप में काम करती रहेगी।

मुख्यमंत्री विजय ने कहा, ”टीवीके सरकार कभी भी हॉर्स ट्रेडिंग (विधायकों की खरीद-फरोख्त) करने वाली सरकार नहीं है बल्कि यह जनता के कल्याण के लिए घोड़े की रफ्तार से काम करने वाली सरकार है।”

विजय बोले- यह अल्पमत सरकार

अपने भाषण के आखिर में सीएम ने कहा, ”यह अल्पमत की सरकार है।” विजय ने बताया कि वह ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि बहुमत ना हासिल करने के लिए उनकी आलोचना की गई और टीवीके को अल्पमत की सरकार कहा गया।

उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि सरकार बदलने के बावजूद जनता की कल्याणकारी योजनाओं में कोई रुकावट नहीं आएगी। विजय ने कहा कि पिछली सरकारों द्वारा शुरू की गई सभी उपयोगी योजनाएं जारी रहेंगी। उन्होंने कहा कि खासतौर पर पूर्व DMK सरकार की जनकल्याण योजनाओं को भी आगे बढ़ाया जाएगा।

चर्चा के दौरान DMK महासचिव प्रेमलता ने एक महत्वपूर्ण सवाल उठाया। इस पर मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि उन्होंने उनकी मांग पर ध्यान दिया है और इस पर विचार करेंगे।

तीखी बहस और मतदान के बाद टीवीके सरकार के पक्ष में विश्वास मत सफल घोषित किया गया। इसके बाद मुख्यमंत्री विजय ने समर्थन देने वाले सभी विधायकों और चर्चा में भाग लेने वाले सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए अपना भाषण समाप्त किया।

TVK ने पास किया फ्लोर टेस्ट

मुख्य विपक्षी दल द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के बहिर्गमन और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) में विभाजन के बीच सरकार के विरोध में 22 और पक्ष में 144 मत डाले गए। राज्य की 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 118 मतों की जरूरत थी। सदन में मतों के विभाजन के दौरान मुख्यमंत्री विजय द्वारा पेश किए गए विश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 144 मत पड़े, जबकि विरोध में 22 मत पड़े।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का एकमात्र विधायक और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का घटक दल पट्टाली मक्कल काची (चार विधायक) मतदान के दौरान तटस्थ रहे। बहुमत की कमी के चलते सरकार की स्थिरता पर उठ रहे सवालों के बीच इस जीत ने पहली बार सत्ता में आई टीवीके सरकार को कामकाज सुचारू रूप से चलाने के लिए आवश्यक आत्मविश्वास प्रदान किया है। हालांकि, मुख्यमंत्री विजय सहित मंत्रियों को विभागों का आवंटन अभी किया जाना है।

सतह पर आई AIADMK की टूट

सुपरस्टार विजय ने तो विधानसभा में बहुमत साबित कर दिया। इसके साथ ही एडप्पादी के पलानीस्वामी (ईपीएस) के नेतृत्व वाली ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) की टूट सतह पर आ गई। फ्लोर टेस्ट ने AIADMK की दरारों को उजागर कर दिया। ईपीएस ने बगावत की सुगबुगाहट के बीच यह दावा किया था कि पार्टी के सारे विधायक टीवीके के विरोध में वोटिंग करेंगे।